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सबसे यंग स्वीमर बनी गौरवी को शुरू से विश्वास था करिश्मा कर लेगी

वापसी भी तैरकर ही तय करने का था लक्ष्य

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सबसे यंग स्वीमर बनी गौरवी को शुरू से विश्वास था करिश्मा कर लेगी

सबसे यंग स्वीमर बनी गौरवी को शुरू से विश्वास था करिश्मा कर लेगी

राकेश शर्मा ‘राजदीप’/ मुकेश हिंगड़. उदयपुर. गौरवी को तो शुरू से ही विश्वास था कि वो यह कीर्तिमान बना लेगी। असल में लगातार 13 घंटे से अधिक समय तक तैरकर इंग्लिश चैनल पार करने के बाद गौरवी चाहती थी वापसी भी तैरकर ही तय की जाए, लेकिन हमने ही उसके माता-पिता को इसके लिए मना कर दिया। यह कहना था लेकसिटी की यंगेस्ट स्विमर गौरवी सिंघवी के दादा डा. महेन्द्र व दादी उषा सिंघवी का। जिनकी आंखें इस रिकार्ड को बयां करते हुए खुशी से चमक रही थी। असल में देर रात गौरवी के रिकार्ड की सूचना लंदन से पाने के बाद दादा-दादी ने उनके निवास पर पत्रिका को बताया कि शुरू से ही गौरवी इस बात के लिए दृढ़ संकल्प थी कि इंग्लिश चैनल पार कर वह परिवार और देश का नाम जरूर ऊंचा करेगी।

लंदन व डोवर में की प्रेक्टिस
फ्रांस से गौरवी के कोच महेश पालीवाल ने बताया कि गौरवी ने लंदन और डोवर में प्रेक्टिस की, लंदन में गौरवी गिनीज रिकॉर्ड होल्डर केविन ब्लिक, 15 बार इंग्लिश चैनल पार कर चुके निक एडम और दो बार इंग्लिश चैनल पार कर चुके डिएडरा के साथ प्रेक्टिस की।

गौरवी पहले ऐसे बनाती गई रिकार्ड
इससे पहले गौरवी 17, 37 और 47 किलोमीटर ओपन तैराकी में रिकार्ड स्थापित कर चुकी है। उदयपुर से इससे पहले साल 2003 में भक्ति शर्मा ने इंग्लिश चैनल पार कर रिकार्ड बनाया था। डीपीएस स्कूल की छात्रा गौरवी ने पिछले साल मुंबई में गर्वनर हाउस से गेटवे ऑफ इंडिया तक की 16.8 किमी की दूरी 3 घंटे 58 मिनट लगातार तैरकर कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद मुंबई के अरब सागर में सी लिंक से गेटवे ऑफ इंडिया तक की 36 किमी की दूरी महज 6 घंटे 36 मिनट में तय कर नया रिकॉर्ड कायम किया। जिसके लिए उसन यहां फतहसागर झील में 8 से 10 घंटे प्रतिदिन तैराकी का अभ्यास किया था। पिछले साल पूना में एक्वेथलॉन चैम्पियनशिप में इकलौती लडक़ी होने तथा राइजिंग स्टार अवॉर्ड का गौरव भी गौरवी को मिला।

परिवार ने दिया हौंसला
कोच पालीवाल कहते है कि गौरवी की मम्मी-पापा ने बेटी को स्विमिंग के लिए हौसला प्रदान किया। महज तीन साल की उम्र में गौरवी तैराकी की अभ्यास में जुट गई, कम उम्र में ही उसने सैकड़ों कीर्तिमान अपने नाम कर लिए।

स्टडी रूम मेडल तथा सर्टिफिर्केट से भरा पड़ा
न्यू फतहपुरा स्थित गौरवी के घर उसके स्टडी रूम की दीवारें, आलमारी के दरवाजे तथा सेल्फ सभी उसके मेडल तथा सर्टिफिर्केट और पुरस्कारों से भरे पड़े है।