प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों का मनमाना राग!

vidhyut nigam विद्युत विनियामक आयोग के निर्देशों की अवहेलना का मामला

By: Sushil Kumar Singh

Published: 05 Sep 2019, 06:00 AM IST

उदयपुर. vidhyut nigam प्रदेश में आम उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण सेवाएं दे रही सरकारी बिजली कंपनियों की ओर से विद्युत विनियामक आयोग के निर्देशों की अवहेलना कर विद्युत टैरिफ बढ़ाने का मामला सामने आया है। कंपनियों की ओर से विद्युत विनियामक आयोग के उस निर्देश की अवहेलना की जा रही है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि टैरिफ बढ़ाने से पहले उपभोक्ताओं को सुरक्षा के साथ विशेष प्रशिक्षण देना है। हाल ही में निर्देश की अवज्ञा करते हुए निगम कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने की विज्ञप्ति जारी कर दी है। केंद्रीय विद्युत अपीलीय ट्रिब्यूनल की ओर से कंपनियों को दिए गए निर्देश की पालना नहीं करने का मामला अब आयोग के समक्ष पेश हुआ है। कंपनियों की ओर से जारी विज्ञप्ति के विरोध में सेवानिवृत्त अभियंता एवं अधिकारी जन कल्याण ट्रस्ट अध्यक्ष डीपी चिरानिया, समता पावर के अध्यक्ष बालमुकुंद सनाढ्य, वापी-दौसा रीको इंडस्ट्रीयल एरिया एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मदेव अग्रवाल ने राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के समक्ष मामले को लेकर २७ अगस्त को याचिका दायर की है।

निर्देशों की पालना अनिवार्य
याचिकाकर्ताओं की मानें तो केंद्रीय विद्युत अपीलीय ट्रिब्यूनल नई दिल्ली ने १८ मई २०१५ को याचिका संख्या १६/२०१४ में निर्णय दिया था कि नई टैरिफ याचिका पर सुनवाई से पहले विद्युत कंपनियों को जारी निर्देशों की पालना करनी होगी। एेसा नहीं होने पर नियामक आयोग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे थे निर्देश
७ मार्च को नियामक आयोग ने विद्युत कंपनियों को २० निर्देश दिए थे। इनको तीन माह में पूरा करना था, लेकिन कंपनियों ने पांच माह गुजरने के बावजूद इन निर्देशों की पालना में अपेक्षा के हिसाब से कुछ नहीं किया।

जागरूकता की लड़ाई
हम सभी जागरूकता और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा कहना है कि विद्युत वितरण कंपनियां जब तक बात नहीं माने तब तक नियामक आयोग सुनवाई नहीं करे। vidhyut nigam इसके बावजूद नियामक आयोग ने फैसला नहीं दिया और कंपनियों ने विज्ञप्ती प्रकाशित कर दी। यह मनमानी ही है।-
वाय. के.बोलिया, सेवानिवृत अधीक्षण अभियंता

Sushil Kumar Singh
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