1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंद हो चुके इस उद्योग के 161 श्रमिकों को मिलेगा वेतन

आगामी तीन माह में आ सकता है वेतन

2 min read
Google source verification
patrika

Happy,Ujjain,nagda,

नागदा. 3 जून 2000 को बंद हो चुकी भारत कॉर्मस (बीसीआइ) उद्योग के 161 श्रमिकों को जल्द ही वेतन मिलेगा। संभावना जताई जा रही है, कि श्रमिकों को आगामी तीन माह में रुका हुआ वेतन मिल सकेगा। उक्त बात की पुष्टि पूर्व कामगार मंडल बोर्ड अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत ने की है। शेखावत ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि, बंद बीसीआईउद्योग के करीब 2600 में से 161 श्रमिकों को राशि नहीं मिली थी। श्रमिकों को राशि दिलवाए जाने के लिए इंदौर में लीक्वीडेटर से चर्चा की गई। लीक्वीडेटर ने पूर्व की कंपनी रमेश फर्डीस को रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। आगामी 3 माह में श्रमिकों को वेतन मिल जाएगा। मामले को लेकर लीक्वीडेटर सीताराम गुप्ता ने इन श्रमिकों की रिपोर्ट भी तैयार करने का आदेश दे दिया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल बीसीआई उद्योग 3 जून 2000 को बंद हो गया, जिससे करीब 2600 श्रमिकों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था। श्रमिकों की ओर से बीएमएस न्याय के लिए न्यायालय में पहुंचा था। उच्च न्यायालय ने इस प्रकरण के लिए श्रमिकों को राशि दिलाने के लिए एक लीक्वीडेटर को नियुक्त किया। लीक्वीडेटर ने श्रमिकों की सूची बनाई व उनकी राशि तय कर क्लेम तैयार किया। जिसमें उनका वेतन व नौकरी तक का वेतन निर्धारित किया गया। इन श्रेणी में 2000 से 11 जुलाई 2005 तक के श्रमिकों शामिल किया गया। जिस कारण 161 श्रमिकों को नाम इस क्लेम सूची में नहीं आ सका। बीएमएस के राष्ट्रीय नेता व पूर्व असंगठित कामगार बोर्डअध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत की पहल पर हुई है। शेखावत ने इंदौर में लीक्वीडेटर से मुलाकात कर उक्त 161 श्रमिकों के नाम, पते, पीएफ समेत समस्त जानकारी दी, जिसके बाद लीक्वीडेटर ने उच्च न्यायालय द्वारा गठित रमेश फर्डीस एंड कंपनी को 1 सप्ताह में रिपोर्टतैयार करने का कहा है।
---
इलाका किसी का भी हो कचरा-गंदगी नहीं होनी चाहिए
उज्जैन. महाकाल क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर ने कचरा व गंदगी देखकर नाराजगी जाहिर की। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। कलेक्टर शशांक मिश्र शुक्रवार की सुबह उस वक्त व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे, जब कोई मंदिर का अधिकारी वहां मौजूद नहीं था। सुबह करीब 7 बजे कलेक्टर ने सबसे पहले फेसेलिटी सेंटर के बाहर का जायजा लेना प्रारंभ किया। यहां कचरा और गंदगी मिलने पर मंदिर के सेवकों को तलब कर नाराजगी व्यक्त की। सेवकों ने सफाई करते हुए बताया कि यह इलाका मंदिर के दायरे में नहीं है। कलेक्टर ने इस पर कहा कि क्षेत्र किसी का भी हो, यह मंदिर के आसपास है, इसलिए साफ-सफाई रहनी चाहिए। इसमें कोताही नहीं होने चाहिए। मंदिर परिसर में श्वान को लेकर भी कलेक्टर कार्रवाई के निर्देश दिए।