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बडनग़र. मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2018-19 में आयोजित राज्य प्रशासनिक सेवा में गांव लोहाना का सामान्य परिवार का 22 वर्ष बालक ने 13वां स्थान प्राप्त कर उपजिलाध्यक्ष (डिप्टी कलेक्टर) पद पर चयन हुआ।
बालक के पिता गांवों में फेरी लगाकर साड़ी बेचते है एवं मां भी साड़ी का व्यापार करती है। माता- पिता को नहीं पता कि डिप्टी कलेक्टर का पद क्या होता है, लेकिन बेटे के परीक्षा परिणाम आने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है और वे सभी को एक ही बात कह रहे है कि मेरा बेटे का चयन हो गया है और वह अधिकारी बन गया है। तरुण जैन का हाल ही में घोषित हुए 2019 के एमपीपीएससी के परिणाम में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हुआ। तरुण के माता-पिता दोनों आठवी पास है, लेकिन उन्होंने बच्चें उच्च शिक्षा दिलाने की प्रारंभ से ही मन में ठान ली थी, जिससे कि बड़ा होकर उसे पिता की तरह गांवों में कपड़े की फेरी नहीं लगाना पड़े। तरुण की प्राथमिक शिक्षा गांव के ही सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद ग्राम बंगरेड़ के लोट्स कान्वेंट स्कूल में 12वीं तक की पढ़ाई की। तरुण ने ग्रेज्युशन इंदौर के अटल बिहारी वाजपेयी आर्ट एवं कॉमर्स कालेज से किया और यही रहते हुए एमपीपीएससी की तैयारी की
और पहली ही बार में उसका चयन 2019 की डिप्टी कलेक्टर के पद पर हो गया।
माता-पिता एवं गुरु को दिया श्रेय
तरुण ने इस सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है कि उन्होंने मुझे इस लायक बनाया एवं जीवनभर उनका आभारी रहने की बात कही है। तरुण ने बताया कि मुझे मेरे माता-पिता ने कभी भी किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी। मैने भी उनका सपना पूरा करने के लिए रात-दिन एक-कर पढ़ाई की।
गांव का पहला डिप्टी कलेक्टर : गांव लोहाना ने यू तो कई अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधि दिए है, किंतु तरुण पहला व्यक्ति है जो डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुआ है। तरुण उसके माता-पिता गांव में ही कच्चे मकान में रहते थे।
विद्यालय परिवार में खुशी की लहर : तरुण की इस उपलब्धि पर ग्राम बंगरेड़ स्थित लोट्स कान्वेंट स्कूल में खुशी की लहर है। संस्था प्रमुख जितेंद्रसिंह राजावत ने तरुण को बधाई दी एवं उज्जवल भविष्य की कामना की।
Published on:
05 Feb 2019 12:27 am
