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भगवान को छप्पन भोग: रसगुल्ले से इलायची तक होती है महाभोग में

देवालयों में देवताओं की प्रतिमाओं के समक्ष 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जाने की शुरुआत दीपावली जैसे महापर्व से होती है।

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उज्जैन. दीपोत्सव के बाद भगवान को लगाए जाने वाले भोग की बड़ी महिमा है। देवालयों में देवताओं की प्रतिमाओं के समक्ष 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जाने की शुरुआत दीपावली जैसे महापर्व से होती है। इस महाभोग में रसगुल्ले, दही, चावल, पूरी, पापड़ आदि से लेकर इलायची तक शामिल होती है।

मंगलनाथ मंदिर

भैरवगढ़ क्षेत्र में स्थित मंगलनाथ मंदिर पर मंगलवार को ५६ भोग लगाया गया। इस दौरान मंदिर में विशेष विद्युत सज्जा की गई थी। शाम को भगवान मंगलनाथ का विशेष शृंगार किया गया एवं महाआरती के साथ भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उपस्थित थे। मंदिर के मुख्य पुजारी दीप्तेश गुरु ने बताया कि पृथ्वी के नाभि केंद्र भगवान मंगलनाथ को मंगलवार को ५६ भोग लगाया गया। इसके लिए एक दिन पूर्व से ही तैयारी प्रारंभ कर दी गई थी। मंदिर में विशेष विद्युत सज्जा की गई थी। मंगलवार सुबह भगवान का विशेष शृंगार किया गया, जिसे पूरे दिन भक्तों ने निहारा। शाम ५ बजे भगवान का पुन: शृंगार किया गया एवं विशेष आरती के साथ भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया। रात्रि १० पुन: भगवान की महाआरती गई और भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर पुजारियों और भक्तों द्वारा मंदिर में दीपावली भी मनाई गई। इस दौरान भक्तों ने मंदिर में आतिशबाजी भी की।

अंगारेश्वर महादेव को घटाटोप शृंगार
वहीं मंगलनाथ मंदिर के पीछे स्थित अंगारेश्वर महादेव को भी मंगलवार को ५६ भोग लगाया गया। इस दौरान भगवान का घटाटोप रूप में विशेष शृंगार किया गया एवं शाम को महाआरती की गई। इसके बाद भगवान को भोग लगाया गया। पुजारी पं. मनीष उपाध्याय ने बताया सुबह से मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। शाम को भोग के समय भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

भूखी माता को भी लगाया अन्नकूट
भूखी माता मंदिर में भी मंगलवार को मां को ५६ भोग लगाया गया। इस दौरान माता का विशेष शृंगार कर चुनर चढ़ाई गई। यहां भी भक्तों की भीड़ रही। शाम को माता की आरती कर भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।

दीपावली मिलन
इंदिरानगर सिंधु संगठन का दीपावली मिलन समारोह संगठन अध्यक्ष किशनचवंद देवनानी के निवास पर आयोजित किया गया। इस दौरान ५ नवंबर को अन्नकूट महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया। समारोह में नरेश रोहरा, लालचंद खत्री, झामनदास सहितानी, धीरजकुमार शेवारामानी, सुरेश भाटिया, गोरधनदास तिन्नानी, विनोद रामचंदानीआदि उपस्थित थे।

अन्नकूट २ को
पदमनारायण सेवा समिति के तत्वावधान में पदमनारायण भगवान के सम्मुख पं. रामानंद द्वारा संगीतमय स्कंद पुराण का आयोजन २३ अक्टूबर से किया गया है। कथा प्रतिदिन दोपहर २ बजे से शाम ६ बजे तक क्षीरसागर शॉपिंग कॉम्पलेक्स स्थित पदमनारायण मंदिर में हो रही है। ३१ अक्टूबर को हवन व पूजन तथा भगवान का अभिषेक किया जाएगा। १ नवंबर को तुलसी विवाह उत्सव आयोजित होगा एवं २ नवंबर को अन्नकूट महोत्सव आयोजित किया जाएगा।