
यहां खुदाई में निकले प्राचीन परमार कालीन अवशेष, तस्वीरें देख रह जाएंगे हैरान
विश्व प्रसिद्ध महाकाल की नगरी उज्जैन अपने आप में कई राज दबाए हुए है। इन राजों से लगातार परदा उठता भी जा रहा है। हालही में शहर में स्थित एक निजी कॉलोनी में खुदाई के दौरान प्राचीन परमार कालीन अवशेष मिले हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि, ये परमार कालीन अवशेष लगभग 1 हजार साल से अधिक पुराने हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद के कालिदास प्रखंड मंत्री कमल पंड्या और सीनियर रिसर्च फेलो यूजीसी आक्रियोलॉजिस्ट शुभम केवलिया मौके पर पहुंचे और अवशेषों की जांच शुरु की।
बताया जा रहा है कि, शहर में स्थित तिरूपति पैराडाइज़ 30 कॉलोनी की जमीन से ये प्राचीन परमार कालीन अवशेष निकले हैं। ये शहर के श्री महाकालेश्वर मंदिर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी पर सथित है। फेलो यूजीसी आर्कियोलॉजिस्ट शुभम केवलिया का कहना है कि, ये 10 वीं और 11 वीं शताब्दी के परमार कालीन मंदिर के अवशेष हैं। वहीं, विक्रम विश्वविद्यालय के पुरात्तव विशेषज्ञ रमण सोलंकी ने भी अवशेषों के परमार कालीन होने की संभावना जताई है।
जमीन की खुदाई में ये अवशेष निकले
कॉलोनी में जमीन की खुदाई के दौरान नंदी की प्रतिमा निकली है जो कि, परमार काल की कला से अलंकृत है। साथ ही, मंदिर के शिखर का भाग जिसे मंजरी कहा जाता है वो भी मिला है। इसके अलावा, बाकी मंदिर के अधिष्ठान के हिस्से भी जमीन से निकले हैं।
जांच की मांग
गौरतलब है कि तिरूपति पैराडाइज़ 30 कॉलोनी में जहां अवशेष मिले हैं, वह प्लाट एक ज्वेलर का बताया जा रहा है। कॉलोनी के चौकीदार का कहना है कि, करीब 4 से 5 दिन पहले कॉलोनी में सुनील सोनी के घर में खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान ये अवशेष जमीन से ऩिकले हैं। मामले की जानकारी लगने पर अब विश्व हिन्दू परिषद ने प्रशासन से इस जगह को सील कर जांच करने की मांग की है।
Published on:
25 Sept 2023 07:36 pm
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