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खाचरौद के युवा ने तैयार की एप, रख सकते हैं आप बच्चे पर नजर

खाचरौद निवासी एक युवा ने एेसा एप तैयार किया है, जिससे आप अपने बच्चे की हर एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे और इस संबंध में बच्चे को पता भी नहीं चल सकेगा कि आप उस पर नजर रखे हुए हैं।

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Lalit Saxena

Oct 03, 2016

App designed by young, you can keep an eye on kids

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उज्जैन. क्या आपको अपने बच्चे की चिंता रहती है? क्या आप बच्चे की हर एक्टिविटी पर नजर रखना चाहते हैं? क्या आप जानना चाहते है कि बच्चा घर से निकलने के बाद कहां रहता है, क्या करता है, उसके दोस्त कौन हैं? यदि इन सभी सवालों के जवाब हां में हैं, तो अब एक एप की सहायता से यह सब कुछ कर सकेंगे।

बच्चे को पता भी नहीं चल सकेगा
खाचरौद निवासी एक युवा ने एेसा एप तैयार किया है, जिससे आप अपने बच्चे की हर एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे और इस संबंध में बच्चे को पता भी नहीं चल सकेगा कि आप उस पर नजर रखे हुए हैं। ये हैं हर्षल त्रिवेदी, जिन्होंने एप तैयार किया है। हर्षल का कहना है कि इस एेप से माता-पिता को इस संबंध में जानकारी मिल जाएगी कि उनके बच्चे ने मोबाइल से किन लोगों से कितनी देर बात की है।

कॉल की रिकॉर्डिंग भी ले सकते हैं
माता-पिता यदि चाहें तो उस कॉल की रिकॉर्डिंग भी ले सकते हैं। साथ ही एसएमएस से होने वाली बात या वॉट्स एेप या फेसबुक जैसी सोशल मीडिया पर होने वाली चैट भी माता-पिता को पता होगी। यदि बच्चा इंटरनेट यूज करता है और किसी वेबसाइट पर विजिट करता है, तो इस संबंध में भी माता-पिता के पास जानकारी होगी। इस स्थिति में यदि बच्चा किसी आपत्तिजनक साइट की विजिट करता है तो वे उसे तत्काल ब्लॉक कर सकेंगे। साथ ही साथ बच्चे के मोबाइल में किन लोगों के नंबर किस नाम से हैं, इसकी जानकारी भी वे रख सकेंगे।





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कैसे मिलेगा एप
हर्षल ने बताया कि एप को डाउनलोड करने के लिए बच्चे के माता-पिता को उनकी वेबसाइट 13control.in पर विजिट करना होगी। इसके बाद यहां रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद माता-पिता को लोगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। इसके बाद वे बच्चे के मोबाइल में एप डाउनलोड कर उसकी हर एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। एप डाउनलोड होने के बाद बच्चे के संबंध में हर जानकारी माता-पिता के डेशबोर्ड या मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी। माता-पिता जब बच्चे के मोबाइल में एप डाउनलोड कर देंगे तो वह हाइड जाएगा और बच्चा उसे डिलीट भी नहीं कर सकेगा और ना ही अनस्टॉल कर सकेगा। यह एप पूर्ण रूप से नि:शुल्क है, जबकि अन्य कंपनियों द्वारा शुल्क वसूला जाता है और उक्त सभी सुविधाएं दी जाती हैं।

जरूरी होगी माता-पिता की आईडी
एप को एक्टिवेट कराने के लिए माता-पिता की आईडी जरूरी होगी। हर्षल का कहना है कि यह आईडी इसलिए ली जाती है ताकि यह पता किया जा सके कि एप का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। आईडी लेने पर यह पता चल जाएगा कि जो एप को एक्टिवेट करा रहे हैं, वे उसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। अगर कोई इसका दुरुपयोग करता है, तो वह कानून का उल्लंघन करेगा।

गर्ल अलर्ट पर कर रहे हैं काम
हर्षल ने बताया कि वे गर्ल अलर्ट पर भी काम कर रहे हैं। इसके माध्यम से यदि लड़की किसी परेशानी में हैं या उसे किसी घटना की आशंका है तो वह अलर्ट पर क्लीक कर अपने माता-पिता या थाने या अपने किसी परिचित को सूचना दे सकती है। परंतु इसके लिए उसके मोबाइल में मेन बैलेंस होना जरूरी होगा, क्योंकि यह एसएमएस सर्विस होगी। इस सुविधा में पांच नंबरों की सुविधा देंगे।

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जल्द शुरू होगी जियो फेन्सिंग की सुविधा
हर्षल का कहना है कि एप में जल्द ही जियो फेन्सिंग यानी लोकेशन संबंधी जानकारी को भी एड कर दिया जाएगा। यह सुविधा एक्टिवेट होने पर माता-पिता बच्चे के बाहर जाने की एक निश्चित दूरी तय कर सकेंगे। यदि बच्चा उस दूरी से बाहर निकलता है, तो उन्हें इस संबंध में जानकारी मिल जाएगी।

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कोचिंग पर मिला आइडिया
हर्षल का कहना है कि 12वीं की परीक्षा देने के बाद उन्होंने सॉफ्टवेयर डवलपमेंट का डिप्लोमा करने के लिए कोचिंग शुरू की थी। यहां एक फेक्ल्टी से बात करने के दौरान उन्हें इस प्रकार का सॉफ्टवेयर बनाने का आइडिया आया था। उसके बाद सोशल मीडिया से होने वाले अपराधों के कारण वे इस एप को तैयार कर सके। हर्षल के पिता रमेश त्रिवेदी व मां उषा त्रिवेदी निजी स्कूल में शिक्षक हैं। छोटे भाई शशांक के साथ हर्षल अपने माता-पिता के साथ ही रहते हैं।

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