
Ujjain Satta News: प्रदेश में पहली बार अब तक के सबसे बड़े क्रिकेट के सट्टे पर उज्जैन पुलिस ने कार्रवाई की। नीलगंगा थाना क्षेत्र में 9 ड्रीम्स कॉलोनी के डुप्लेक्स-18 में बिल्डर पीयूष चोपड़ा मप्र के साथ पंजाब और राजस्थान के सटोरिए व बुकीज के साथ अंतरराष्ट्रीय सट्टा गिरोह चला रहा था। टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश-नीदरलैंड के क्रिकेट मैच खेले जा रहे थे। सटोरिए सट्टा खा रहे थे।
गुरुवार रात 10.30 बजे दो सीएसपी समेत 30 पुलिसकर्मियों की टीम ने दबिश दी तो 9 सटोरिए पकड़े गए। मुख्य आरोपी पीयूष फरार हो गया। उस पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है। बाकी को पुलिस ने 20 जून तक रिमांड पर लिया है। मौके से 14.58 करोड़ नकद और 7 देशों की करंसी भी जब्त की है।
पीयूष के दो ठिकानों से इतनी नकदी मिली कि पुलिस रात 1 बजे से शुक्रवार सुबह 5 बजे तक नोट गिनते थक गई तो दो बैंकों से 3 मशीनें मंगवाई। 500 रुपए के नोटों की 3000 से ज्यादा गड्डियां व 1-1 किलो चांदी की 7 सिल्लियां जब्त की गईं। सूत्र बताते हैं, गिरोह के पीछे कांग्रेस के एक जनप्रतिनिधि हैं।
पीयूष चोपड़ा (इनसेट) बिल्डर के साथ प्रॉपर्टी का काम करता है। उसके घर से पासपोर्ट, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और सट्टे के हिसाब-किताब के दस्तावेज और नकदी जब्त की गई है। पीयूष परिवार के साथ लातविया देश भागने की फिराक में था। उसका पासपोर्ट रद्द किया गया है। उसके खिलाफ लुकआउट सकुर्लर जारी होगा।
पुलिस महानिरीक्षक संतोष सिंह ने बताया- सूचना पर उप-पुलिस अधीक्षक क्राइम योगेश तोमर ने टीम के साथ दबिश दी। टीम सादे कपड़ों में थी। कार्रवाई से आशंका से पहले ही मुख्य आरोपी पीयूष फरार हो गया। टीम ने उसके मुसद्दीपुरा स्थित घर भी दबिश दी। यहां बड़े पैमाने पर नकदी, सवा किलो वजनी चांदी के पांच बिस्किट मिले हैं। एपल मेकमिनी सीपीयू, 11 लैपटॉप समेत 11 बैगों से 14.58 करोड़ रुपए भी मिले। साथ ही कनाडा का डॉलर, यूएई की दिरहम के साथ, यूरो, पाउंड, यूएस डॉलर, हंगरी यूरो और नेपाली रुपए मिले। नीलगंगा पुलिस ने गैंबलिंग और आइटी एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
इस काले कारोबार के लिए पीयूष हाई स्पीड इंटरनेट डिवाइस का प्रयोग करता था। एक सेटअप पीयूष ने घर पर लगा रखा था। हर लैपटॉप में सट्टे के लेन-देन का हिसाब हॉर्स ऐप से पेन ड्राइव में सेव किया जाता था। पेन ड्राइव्स में लेनदेन का हिसाब पीयूष ही मैनेज करता था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइजी संतोष सिंह ने बताया, आरोपी पीयूष पहले कई देशों की यात्रा कर चुका है। वहीं बुकियों से संपर्क में आया। फिर उज्जैन में सट्टा शुरू किया। बताते हैं, 2014 का एग्रीमेंट मिला है। इसके आधार पर पता चलेगा, किनके रुपए धंधे में लगे हैं।
हरिफाटक रोड की 9 ड्रीम्स कॉलोनी में क्रिकेट का सट्टा आइपीएल शुरू होते ही मार्च से चल रहा था। सटोरिए ने इसे हेड ऑफिस बना रखा था। यहां पंटरों के पास एसयूवी उपलब्ध रहती थी। कॉलोनी के लोगों को वह कहता था, यहां बैंक का काम चल रहा है।
Updated on:
15 Jun 2024, 11:38 AM IST
Published on:
15 Jun 2024, 11:38 AM IST
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