
मंगल देव की भात पूजा और हरसिद्धि मंदिर में दीपमालिकाओं के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार
उज्जैन में 2023 की विदाई और नए साल के स्वागत की तैयारियां चल रहीं हैं। विदा होते साल में हजारों-लाखों दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। नए साल की शुरुआत धार्मिक नगरी में करने के लिए हर कोई बेकरार है। यही कारण है कि महाकाल पूजा, मंगल देव की भात पूजा और हरसिद्धि मंदिर में दीपमालिकाओं के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार है।
नए साल में बाबा महाकाल, मंगलनाथ और हरसिद्धि में अभी से भीड़ बढ़ने लगी है वहीं 30, 31 दिसंबर और 1 जनवरी की तारीख की बुकिंग फुल हो चुकी है। मंगलनाथ-अंगारेश्वर में भात पूजा तो हरसिद्धि मंदिर में दीपमाला के लिए श्रद्धालुओं को तारीख खाली नहीं मिल रही है।
30 हजार श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
महाकाल के बाद मंगलनाथ ही ऐसा मंदिर है, जहां हर मंगलवार को बाहरी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। यहां मंगलदेव की भातपूजा कराने की परंपरा है जोकि मंगलदोष दूर करने मंगलदेव की प्रसन्नता के लिए की जाती है। भातपूजा में हजारों रुपए का खर्च है लेकिन लोग खुशी खुशी यह राशि देते हैं।
पुजारी महंत अक्षय राजेंद्र भारती के अनुसार प्रति मंगलवार करीब 1 हजार श्रद्धालुओं की भातपूजा वाली रसीद कटती है। प्रबंधक केके पाठक ने बताया कि नववर्ष के दिन लगभग 1500 से 1700 तक की रसीद कटने की संभावना है। इस दिन 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है।
हरसिद्धि मंदिर में जून तक दीपमालिका बुकिंग हुई
शक्ति पीठ हरसिद्धि मंदिर में प्रतिदिन 10 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। लेकिन वर्ष के अंत में यह संख्या बढ़ जाएगी। इसी प्रकार हर दिन प्रज्जवलित की जाने वाली दीप मालिकाओं की जून तक के लिए बुकिंग फुल है। पूर्व प्रबंधक अवधेश जोशी ने बताया कि दीपमालिकाएं प्रज्जवलित करने के लिए हर श्रद्धालु लालायित रहता है। यही कारण है कि यह तुरंत फुल हो जाती है।
Published on:
20 Dec 2023 05:50 pm
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