शहर के रिलायबल जनरल स्टोर के संचालक योगेश साहू ने बताया कि उन्हें सरकारी विक्रय नहीं होने योग्य किताबों का भण्डार सप्लाय कर दिया गया है। कई दिनों से किताबों को वापस करना चाह रहे हैं। योगेश संभाग में एेसे इकलौते व्यापारी नहीं हैं। करीब 20 से अधिक दुकानदार बताए जा रहे हैं। इनके पास प्रदेश की सरकारी किताबों का भंडार पहुंच गया। मामले पर जब सरकारी बुक डिपो के मैनेजर बृजेश श्रीवास्तव से चर्चा करना चाही तो उनका मोबाइल फोन कवरेज के बाहर मिला। बता दें, इससे पूर्व महिदपुर में भी सरकारी किताबों को कबाड़े में बेचने का मामला सामने आ चुका है। इस मामले को भी पुलिस ने पकड़ा था।