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NOT FOR SALE : बाजार में कर दी सप्लाई

स्कूली शिक्षा विभाग में एक बड़ी धांधली सामने आई है। सरकारी बुक डिपो के मैनेजर पर शासकीय स्कूलों में नि:शुल्क बांटी जाने वाली किताबों के दुरुपयोग का आरोप लगा है। 

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Lalit Saxena

Jun 11, 2016

Corruption in the government school book depo, fre

Corruption in the government school book depo, free books sales in market

उज्जैन. मैनेजर ने शहर के दुकानदारों को ऐसी किताबें की सप्लाय कर दी, जो खुले बाजार में नहीं बेची जा सकती। किताबों पर साफ लिखा है कि व्रिकय योग्य नहीं। अब ऐसे में दुकानदार परेशान हैं। बुक डिपो में ये किताबें वापस भी नहीं ली जा रही। संभाग में ऐसे करीब एक दर्जन व्यापारी हैं।

करीब 20 से अधिक दुकानदार
शहर के रिलायबल जनरल स्टोर के संचालक योगेश साहू ने बताया कि उन्हें सरकारी विक्रय नहीं होने योग्य किताबों का भण्डार सप्लाय कर दिया गया है। कई दिनों से किताबों को वापस करना चाह रहे हैं। योगेश संभाग में एेसे इकलौते व्यापारी नहीं हैं। करीब 20 से अधिक दुकानदार बताए जा रहे हैं। इनके पास प्रदेश की सरकारी किताबों का भंडार पहुंच गया। मामले पर जब सरकारी बुक डिपो के मैनेजर बृजेश श्रीवास्तव से चर्चा करना चाही तो उनका मोबाइल फोन कवरेज के बाहर मिला। बता दें, इससे पूर्व महिदपुर में भी सरकारी किताबों को कबाड़े में बेचने का मामला सामने आ चुका है। इस मामले को भी पुलिस ने पकड़ा था।

सिंहस्थ की थकान में शिक्षा विभाग
जिले में शिक्षा विभाग की हालत लगातार खराब है। परीक्षा में सामूहिक नकल, मुन्नाभाई और पेपर आउट होने जैसे मामलों के बाद अब सरकारी किताबों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। लगतार एेसे विवादांे के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी किसी भी मामले पर सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। सिंहस्थ के बाद ही जिला शिक्षाधिकारी संजय गोयल एजुकेशन टूर पर चले गए और प्रभारी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे।

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