
Mahakal Temple Ujjain
Mahakal Temple Ujjain: उज्जैन शहर के नीलगंगा की सांईधाम कॉलोनी में रहने वाले 36 साल के गौरव शर्मा पिता अशोक शर्मा ने कमरे में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। पड़ोस में रहने वाले पिता अशोक जब सुबह घर पहुंचे तो वह फंदे पर लटका मिला। फंदे से उतारकर परिवार वाले उसे चरक लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। गौरव के पिता अशोक शर्मा और परिवार वालों के अनुसार गौरव मंदिर में भस्मारती सह प्रभारी था।
नीलगंगा पुलिस ने बताया कि गौरव शर्मा (36) पिता अशोक शर्मा निवासी सांईधाम कॉलोनी सोमवार सुबह 5 बजे घर पर अकेला था। उसकी पत्नी अर्चना बच्चों को लेकर इंदौर स्थित मायके गई हुई थी। भाई अभिषेक शर्मा के अनुसार मंदिर कर्मचारी होने के साथ ही वह ट्रेवल्स एजेंसी का भी काम करता है। सुबह 4 बजे उसने अपनी गाड़ी औंकारेश्वर भेजकर साथी शुभम और राहुल के साथ चाय पी और घर लौट आया था, परंतु सुबह 10 बजे पिता घर पहुंचे तो वह फंदे पर लटका मिला। फंदे से उतारकर चरक लेकर पहुंचे तब तक मौत हो चुकी थी। परिवार वालों ने बताया कि उसकी पत्नी राखी मनाने बच्चों के साथ इंदौर स्थित मायके गई थी।
एक माह पूर्व पिछड़ा वर्ग आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर मंदिर में पहुंचे तो धक्का-मुक्की हो गई थी। तभी गौरव शर्मा सहित तीन लोगों को हटा दिया गया था। 15 दिन पूर्व उसे बहाल तो कर दिया पर इस बार उसकी ड्यूटी मंदिर(Mahakal Temple Ujjain) की बजाय अन्न क्षेत्र में लगा दी। परिवार वालों का कहना था कि वह प्रोटोकॉल से हटाकर अन्न क्षेत्र भेजने से दुखी था। हालांकि पुलिस परिवार के इन बयानों सहित अन्य एंगल पर जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है।
नीलगंगा पुलिस के अनुसार गौरव शर्मा द्वारा आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उसके पास सुसाइड नोट भी नहीं मिला। परिवार वालों के आरोप है कि मंदिर समिति ने उसे भस्मारती प्रोटोकॉल से हटा अन्न क्षेत्र कर दिया था इस वजह से तनाव में था। उसकी पत्नी के बयान भी होना बाकी है। गौरव का पूरा परिवार महाकाल मंदिर(Mahakal Temple Ujjain) में कर्मचारी है, जिसमें मां यशोदा शर्मा मंदिर कर्मचारी, भाई अभिषेक चिंतामण में मंदिर प्रबंधक, दूसरा भाई चंद्रप्रकाश उर्फ चंदन हरसिद्धि धर्मशाला में प्रबंधक हैं और तीनों भाइयों की पत्नियां भी मंदिर में ही कर्मचारी है। इन सभी के बयान के साथ मंदिर के सहकर्मचारियों के बयान होना बाकी है पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद आत्महत्या के कारणों का पता चल पाएगा।
ट्रेजरी में 15 साल पहले हुए स्टॉप घोटाले के केस में भी गौरव शर्मा अपने पिता अशोक के साथ सह आरोपी रह चुका था। माधवनगर पुलिस के अनुसार 2010 में 3.51 करोड़ 61 हजार रुपए के स्टाप का घोटाला हुआ था। इस बहुचर्चित मामले में माधवनगर पुलिस ने कोषालय लिपिक रहे अशोक शर्मा, उसके पुत्र चंद्रप्रकाश, गौरव शर्मा सहित अशोक जोशी, शरद राव गिरकर, विजय राव, रवि गुप्ता, हुकुमचंद, पुरुषोत्तम तिवारी, दिनेश प्रजापत, राजेश बाठिया, मेघा बाठिया को भी आरोपी बनाया था। बाद में इस केस में अशोक शर्मा की पत्नी और गौरव की मां यशोदा शर्मा को भी आरोपी बनाया था।
Updated on:
12 Aug 2025 10:45 am
Published on:
12 Aug 2025 10:45 am
