
Body Donation: मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन से बड़ी अनोखी और प्रेरणा देने वाली घटना सामने आई है। नागदा में 65 साल की मनोरमा मारू का उनके जन्मदिन पर ही निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने देहदान का निर्णय लिया। उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज को उनका पार्थिव शरीर दान किया गया। विदाई के दौरान परिजनों ने भावुक होकर 'हैप्पी बर्थडे' गाया, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। बता दें कि, यह उज्जैन में देहदान का पहला मामला था।
नागदा की शारदा गली मी रहने वाली मनोरमा मारू का अपने जन्मदिन 14 फरवरी को निधन हो गया। इस दिन जहां एक ओर परिवार और परिचित उन्हें बधाइयां देने पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर उन्हें अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करनी पड़ी। मनोरमा मारू पहले ही नेत्रदान और देहदान का संकल्प ले चुकी थीं। बताया जा रहा है कि समाजसेवी बृजेश बोहरा ने चार दिन पहले ही मनोरमा मारू और उनके पति से देहदान का घोषणा पत्र भरवाया था। इस पर उनके पति अजीत मारू और अन्य परिजन की सहमति थी।
अंतिम यात्रा के दौरान, परिजनों ने शव वाहन को फूलों से सजाया और भावुक होकर 'हैप्पी बर्थडे' गाया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। नागदा के इतिहास में यह पहला मामला था, जिसने समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। उनकी अंतिम इच्छा को मानते हुए उनके परिवार के लोगों ने आरडी गार्डी हॉस्पिटल से संपर्क कर तुरंत देहदान की प्रक्रिया शुरू की। इसके साथ ही नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल.ददरवाल ने उनके नेत्रदान की प्रक्रिया भी पूरी की।
उनकी मृत्यु के बाद, देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हालिया घोषणा के अनुसार, अंगदान और देहदान करने वालों को राजकीय सम्मान दिया जाएगा। इसी क्रम में एसडीएम और तहसीलदार ने भी मौके पर पहुंचकर मनोरमा मारू को श्रद्धांजलि दी ।
Updated on:
15 Feb 2025 02:09 pm
Published on:
15 Feb 2025 02:08 pm
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