29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

mahakal ki sawari: महाकाल की 5वीं सवारी में पूजा-अर्चना करेंगे सीएम, लाडली बहनों के लिए किया ऐलान

mahakal ki sawari: आज सावन के पांचवें सोमवार पर महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में नगर भ्रमण पर निकलेंगे महाकाल, महाकाल की सवारी में सीएम मोहन यादव भी होंगे शामिल
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उज्जैन

•

image

Sanjana Kumar

•

Updated: 19 Aug 2024, 8:41 AM IST

mahakal ki sawari

महाकाल की सवारी आज सीएम मोहन यादव करेंगे पूजा अर्चना

mahakal ki sawari: एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव आज उज्जैन के दौरे पर रहेंगे। आज सावन महीने के 5वें सोमवार पर यहां निकाली जाने वाली बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। इससे पहले वे 11:35 बजे धर्मस्व संचालनालय के कार्यकाल का शुभारंभ करेंगे।

बता दें कि रविवार को भी एमपी सीएम मोहन यादव अपने विधान सभा क्षेत्र उज्जैन दक्षिण में थे। यहां उन्होंने लाडली बहनों के साथ सावन-रक्षाबंधन महोत्सव मनाया। वे 1 अगस्त से लाडली बहनों के साथ ये महोत्सव मना रहे हैं। वे अपने विधानसभा क्षेत्र उज्जैन दक्षिण के पांच मंडलों में रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। बड़ी संख्या में पहुंची लाडली बहनों ने सीएम की कलाई पर रक्षासूत्र बांधे।

लाडली बहनों के आशीर्वाद से बना मुख्यमंत्री

'आज मैं मुख्यमंत्री बना हूं तो आपके आशीर्वाद से। वर्षों से आप मेरी कलाई पर राखी बांधती आई हैं। आपके आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के नए कीर्तिमान रचेंगे।

सीएम ने किया ऐलान लाडली बहनों के साथ मनाएंगे जन्माष्टमी

एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में लाड़ली बहना रक्षा बंधन कार्यक्रम में ऐलान किया कि राखी की तरह प्रदेश में सभी त्योहार मनाएंगे। 26 अगस्त को जन्माष्टमी भी धूमधाम से मनाएंगे।'

सीएम को बांधी 10 फीट की राखी बांधी

सीएम मोहन यादव को 10 फीट लंबी राखी बांधी गई। सीएम ने कहा कि जिस तरह बहनों का प्यार मिल रहा है, इससे तो उम्र भी कम पड़ जाएगी पर आशीर्वाद कम नहीं पड़ेगा। विकास का रथ आपके आशीर्वाद के भरोसे ही चलेगा।

हम विश्व को दे रहे आदर-सम्मान की शिक्षा

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि तीज त्योहार की संस्कृति आज भी गांवों में जीवित है। हमारे गांव और गांव के लोग बहनों के आदर सम्मान की शिक्षा पूरे विश्व को दे रहे हैं। कुटुंब परंपरा में माता-पिता और बहन के आशीर्वाद से ही सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता। तीज-त्योहार ऋषि-मुनियों के आशीर्वाद से ही बने हैं।

ये भी पढ़ें: एक सेक्युलर नेता जिसने शिक्षा मंत्री बनते ही स्कूलों को दिए थे आदेश 'ग' से गणेश नहीं… 'ग' से 'गधा' पढ़ाओ