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UJJAIN: 11 माह में बदल गई महाकाल की नगरीः 3000 करोड़ की हो गई अर्थ व्यवस्था

श्री महाकाल लोक बनने के बाद पर्यटन, होटल, हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट को तीन गुना तक बढ़ाया

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जितेंद्र सिंह चौहान

उज्जैन. महाकाल की ‘कृपा’ ने उज्जैन को महज 11 माह में ही बदल दिया। शहर की अर्थव्यवस्था 3000 करोड़ के पार हो गई। 11 अक्टबूर 2022 के बाद शहर में 6 करोड़ सैलानी आए। प्रति पर्यटक औसतन 500 रुपए की दर से उनका खर्च देखें तो 3000 करोड़ का कारोबार हुआ। इसका असर पर्यटन से जुड़े होटल, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट से जुड़ी इंडस्ट्री पर पड़ा। उनके व्यापार में 2-3 गुना बढ़ोतरी हुई। रोजगार के मौके भी बढ़े। सावन के 35 दिन में ही 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। महाकाल लोक के 18 लाख की दुकानों की कीमत 1.90 करोड़ तक मिली। इससे शहर के विकास को पंख लगे हैं।

यात्रियों की संख्या में 4-5 गुना बढ़ी तो इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट मार्केट में बढ़ोतरी हुई है। यूडीए संपत्ति 3-4 गुना दामों पर बिकी है। अगले साल महाकाल लोक फेज-2 पूरे होने और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से शहर की अर्थव्यवस्था में 5000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।

उज्जैन-इंदौर-ओंकारेश्वर टूरिस्ट सर्किट डेवलप

महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन से ओंकारेश्वर जाने वालों की संख्या बढ़ी है। यह उज्जैन-इंदौर-ओंकारेश्वर टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित हुआ है। उज्जैन में हॉल्ट करने का कल्चर भी बढ़ा।

श्रद्धालु: पहले रोज 25 हजार श्रद्धालु आते थे। शनिवार-रविवार को यह संख्या 50 हजार थी। ऐसे में एक साल में 1.50 करोड़ यात्री आते थे। अब रोज 1 .5 लाख आ रहे हैं। एक साल में 5-6 करोड़ आ रहे हैं।

दान: पहले महाकाल मंदिर में रोज 7-8 लाख तक दान मिलता था। अब रोजाना 50 लाख है। अप्रेल-मई में 27 करोड़ का दान मिला।

लड्डू प्रसादी: पहले मंदिर अन्नक्षेत्र में 30 क्विंटल लड्डू प्रसादी की रोज खपत थी। अब 60 क्विंटल है।

त्रिवेणी संग्रहालय: यहां रोज आने वाले 50 सैलानियों की तुलना में अब दो हजार है।

300% यात्री बढ़े: 20 बड़े, 350 छोटे होटलों में बुकिंग 300% बढ़ी, पहले 50% कमरे भरते थे। 250 रेस्टोरेंट का कारोबार भी 300% बढ़ा है।

वाहन: पहले इंदौर-उज्जैन मार्ग पर 3,03,782 वाहन प्रतिमाह थे। अब यह बढ़कर 5,55,064 प्रति माह हो गए। आगर, देवास, बड़नगर रोड पर भी वाहनों की संख्या बढ़ी।

(नोट: आंकड़े महाकाल मंदिर प्रशासन और उज्जैन नगर निगम के अनुसार)।

ईकोनॉमी के कृषि, इंडस्ट्रीज, सर्विस सेक्टर हैं। सर्विस सेक्टर में 50% ग्रोथ होती है। महाकाल लोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन बढ़ा है।

डॉ. सत्येंद्र मिश्रा, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र, विक्रम विश्वविद्यालय

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