1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

mahakal ki sawari: प्रजा का हाल जानने निकले राजाधिराज महाकाल, शिवमय हो गई महाकाल की नगरी

mahakal sawari - सावन के तीसरे सोमवार को महाकाल की सवारी...। देखें अपडेट्स...।

3 min read
Google source verification
mahakal2222.png

mahakal ki sawari Live

बाबा महाकाल की आकर्षक सवारी सोमवार शाम को धूमधाम से निकली। पूरे शहर में बाबा के दर्शन करने के लिए लोग उमड़ पड़े। रास्ते में लोग फूल बरसा रहे थे तो सवारी में मौजूद श्रद्धालु भोले के जयकारे लगा रहे थे। इस सवारी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुए थे। उन्होंने पालकी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद काफी देर तक सवारी के साथ-साथ गए। शिवराज सिंह भी भक्तिभाव के साथ यात्रा में शामिल हुए थे।

इससे पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सावन के तीसरे सोमवार को पूरे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए। मुख्यमंत्री बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने आए हैं। शिवराज पालकी का पूजन की। फिर सवारी के साथ-साथ भी गए।

मुख्यमंत्री शिवराज संह चौहान ने सोमवार को पूरे परिवार के साथ महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने गर्भगृह में परिवार के साथ पूजा-अर्चना की। चौहान ने दर्शन के बाद वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पवित्र श्रावण माह के पावन तृतीय सोमवार को भगवान श्री महाकाल की सपरिवार पूजा-अर्चना कर सबके मंगल एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की। सभी पर आपकी कृपा की वर्षा होती रहे, हर घर-आंगन में खुशहाली और ऋद्धि - सिद्धि आए, यही प्रार्थना करता हूं। जय श्री महाकाल!

Live Updates

पूरा शहर सावन के तीसरे सोमवार को शिवमय हो गया था।

7.00 pm

भगवान महाकाल की सवारी परंपरागत मार्ग सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, सराफा, पटनी बाजार और महाकाल घाटी होते हुए सवारी वापस महाकाल मंदिर पहुंची।

6.30 pm

बाबा महाकाल शिव तांडव के रूप में भक्तों को दर्शन देने निकले। चांदी की पालकी में सवार चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर सवार मनमहेश के रूप में महाकाल की सवारी धूम-धाम से निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों के दोनों तरफ पालकी की एक झलक पाने के लिए बेताब रहे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने परिवार के साथ सवारी में शामिल हुए। शिवराज सिंह भक्तिभाव में डूबे नजर आए। वे भी बाबा के जयकारे लगाते हुए सवारी में चल रहे थे।

6.00 pm

धूमधाम से बाबा महाकाल की सवारी निकाली गई। भक्त रास्तेभर भोले के जयकारे लगा रहा था। रास्तों में लोग घरों के ऊपर से फूल बरसा रहे थे।

5.31 pm

क्षिप्रा घाट से परंपरागत मार्ग सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, सराफा, पटनी बाजार और महाकाल घाटी होते हुए सवारी वापस महाकाल मंदिर जाएगी।

5.30 pm

भगवान महाकाल की सवारी शाम करीब साढ़े 5 बजे शिप्रा घाट पहुंची। यहां दत्त अखाड़ा की ओर से बाबा महाकाल का स्वागत कर पूजन-आरती की गई।

सावन में उमड़ रही है भीड़

सावन माह के चलते महाकाल मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भस्म आरती के लिए रात 12 बजे से श्रद्धालु उमड़ पड़ते हैं। सोमवार सुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती हुई। इसमें पंचामृत, अभिषेक पूजन कर भांग और चंदन से राजा स्वरूप महाकाल का श्रंगार किया गया।

आशुतोष राणा महाकाल में

इधर, सावन के तीसरे सोमवार को फिल्म एक्टर आशुतोष राणा भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचे। आशुतोष ने महाकाल के दर्शन कर नंदी हाल से भगवान का आशीर्वाद लिया। वे भोग आरती में भी शामिल हुए। इस दौरान आशुतोष राणा महानिर्वाणी अखाड़े के महंत से भी मिले।