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सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति के नाम आपत्तिजनक टिप्पणी

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए वेबसाइट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले युवक के खिलाफ मामला दर्ज

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उज्जैन। सोशल वेबसाइड पर राष्ट्रपति के नाम आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शिकायत पर अजाक थाना पुलिस ने एक युवक के खिलाफ आईटी एक्ट व आपत्तिजनक जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला दर्ज किया है।

अजाक थाने में की शिकायत
युवक ने जैन संतों के साथ बैठे राष्ट्रपति की पोस्ट पर कमेंट्स में जातिसूचक शब्द लिखते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी लिख दी। इसके बाद मामले में धर्मेन्द्र सिरोलिया ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति के नाम आपत्तिजनक टिप्पणी की शिकायत गुुरुवार रात को अजाक थाने कर दी।

रात 12 बजे प्रकरण दर्ज
पुलिस ने मामले की जांच कर रात १२ बजे के लगभग आपत्तिजनक कमेंट्स करने वाले अनुराग उर्मिला कुलश्रेष्ठ के खिलाफ आईटी एक्ट व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

तो हुआ गलती का अहसास
इधर आरोपी अनुराग उर्मिला कुलश्रेष्ठ का कहना है कि लिखना भाई के साथ जैन समूह था... लेकिन लिख कुछ और गया। जब बाद में पोस्ट देखी तो गलती का एहसास हुआ। निश्चित रूप से आपको जो पीड़ा हुई है, उसके लिए मैं माफी चाहूंगा।
- अनुराग उर्मिला कुलश्रेष्ठ

पंजाब नेशनल बैंक का ४.५० करोड़ रु. लेकर भागा कोयला व्यापारी, केस दर्ज
उज्जैन. पंजाब नेशनल बैंक कंठाल शाखा से कोयला व्यापारी करोड़ों रुपए लोन लेकर फरार हो गया है। कोयला व्यापारी को करोड़ों की सीसी लिमिट करवाने के लिए बैंक के वेल्यूर ने भी उसका साथ दिया। वेल्यूर ने उसकी कम भाव की प्रॉपर्टी को बैंक में करोड़ों रुपए का बताकर लिमिट बढ़वा ली। मामला उजागर होने के बाद सीबीआई ने इसकी जांच की और व्यापारी पिता-पुत्र सहित बैंक के वेल्यूर को भी आरोपी बनाया है।

वर्ष २०१२ में नलिया बाखल निवासी अर्पण ने पिता नरेंद्र प्रजापति की इंदौर रोड, नलियाबाखल, इंदौर के लसूडिया स्थित कोल स्टॉक गोडाउन आदि संपत्तियों को गिरवी रखकर चालू खाते पर ४ से ७ करोड़ की सीसी लिमिट ली। भोपाल निवासी राजेश श्रीवास्तव ने लिमिट के लिए संपत्तियों के बाजार भाव का वैल्यूशन किया, जिसमें संपत्तियों की कीमत ११.६२ करोड़ रुपए आकलित की गई। इस आधार पर अर्पण को बंैक ने इतनी अधिक सीसी लिमिट दी। इस आधार पर अर्पण ने ४.५० करोड़ रुपए का लोन लिया और फरार हो गया। लोन लेने के बाद से अर्पण ने एक भी किस्त नहीं चुकाई और करंट अकाउंट नॉन प्रॉफिट अकाउंट में चला गया। जब बैंक ने उसकी गिरवी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की तो जानकारी मिली कि गिरवी रखी ज्यादातर संपत्तियां बेची जा चुकी हैं और संपत्तियों की वर्तमान कीमत आकलित कीमत से बेहद कम है।