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उज्जैन। महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर में सोमवार को रक्षा बंधन पर भस्मारती के बाद सबसे पहले राखी बांधी गई। पुजारियों ने बाबा महाकाल को 11 हजार लड्डुओं का महाभोग भी लगाया। परंपरा के मुताबिक उज्जैन में सभी त्योहार सबसे पहले महाकाल मंदिर के साथ मनाए जाते हैं।
बाबा महाकाल की श्रावण मास के अंतिम सोमवार को सवारी भी निकाली जाएगी। 10 अगस्त को भादौ मास की पहली तथा 17 अगस्त को श्रावण-भादौ मास की शाही सवारी निकाली जाएगी। भगवान सोमवार को भक्तों को मनमहेश और चंद्रमौलेश्वर के रूप में दर्शन देंगे।
महाकाल में रंग-बिरंगी इकोफ्रेंडली सजावट :-:
इससे पहले, रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में रंग-बिरंगी इकोफ्रेंडली सजावट की गई है। पुजारी यश गुरु की प्रेरणा से यह सजावट कराई गई है, जो देखते ही बन रही है। पुजारी यश गुरु ने बताया इस वर्ष कोरोना के चलते मंदिर में हार-फूल प्रतिबंध होने से पहली बार रंगीन कागजों का उपयोग कर यह कलात्मक सजावट कराई गई है। रक्षाबंधन पर्व पर यह सजावट दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का मनमोह लेगी। खास बात यह है कि ये सजावट बाहर के नहीं, बल्कि उज्जैन में रहने वाले कलाकारों ने की है। गर्भगृह से लेकर नंदी हॉल तक रंगीन फूल आदि बनाए गए हैं, जिससे पूरा परिसर ही कई तरह के रंगों से चमचमा उठा है। महाकाल मंदिर में अब तक त्यौहारों पर प्राकृतिक फूलों की ही सजावट की जाती रही है। लेकिन यह पहला मौका है जब इस तरह से कागज का प्रयोग कर इकोफ्रेंडली सजावट की गई हो।
ज्योतिर्लिंग श्री महाकाल के लिए हैदराबाद से आई राखी :-:
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर भगवान के लिए रक्षाबंधन पर्व पर हैदराबाद से स्पेशल राखी आई थी। यह राखी महाकाल मंदिर क्षेत्र में रहने वाले बाबा के भक्त ऋषभ बाबू यादव के मित्र रक्तिम मंडल परिवार द्वारा भेजी गई। यादव ने बताया मंडल के लोग बाबा के परम भक्त हैं और समय-समय पर उज्जैन दर्शन के लिए आते रहते हैं। हर वर्ष रक्षाबंधन के लिए वे अपनी ओर से विशेष राखी बाबा को अर्पित करने के लिए उन्हें उज्जैन भेजते हैं। कोरियर द्वारा यह राखी हैदराबाद से उज्जैन भेजी गई है। यादव इस विशेष राखी को 3 अगस्त की भस्मारती में रक्षाबंधन पर्व के दौरान अर्पित करते हुए विश्व कल्याण की कामना करेंगे।
Updated on:
03 Aug 2020 12:09 pm
Published on:
03 Aug 2020 11:40 am
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