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Mahakal News : अब सोमनाथ मंदिर की तरह उज्जैन के महाकाल मंदिर में लागू होंगे नए नियम

Mahakal temple darshan- महाकाल की आरती, श्रृंगार से लेकर गर्भगृह में जाने वाले पंडे-पुजारियों की संख्या सीमित होगी...।

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महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के नियम बदले जाएंगे।

Mahakal temple New Rule- महाकालेश्वर मंदिर में होली पर आगजनी की घटना के बाद मंदिर की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। वर्षों पुराने मंदिर एक्ट में संशोधन के संकेत प्रशासनिक अधिकारियों को मिले हैं। इसकी तैयारी के साथ अब सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर आरती, शृंगार, भोग व पूजन सहित जल चढ़ाने के लिए गर्भगृह में जाने वाले पंडे-पुजारियों की संख्या तय होगी। पंडे-पुजारियों के प्रतिनिधियों को गर्भगृह में जाने की अनुमति विशेष आयोजनों पर रहेगी। सोला पहनकर गर्भगृह में अब आरती-पूजन के नाम पर अन्य कोई नहीं घुस सकेगा। मंदिर में अब पुजारी और पंडितों की संख्या निर्धारित की जाएगी। सोला पहने 25 से 30 पण्डे पुजारियों को गर्भगृह में क्रमानुसार प्रवेश दिया जाएगा। इनका भी आरती, पूजन का क्रम तय रहेगा।

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व्यवस्था परिवर्तन

महाकाल मंदिर को अब ट्रस्ट के हवाले करने के संकेत मिले हैं। देश के बड़े मंदिर तिरुपति, सोमनाथ, शिर्डी, वेष्णोदेवी मंदिर में ट्रस्ट के माध्यम से ही सारी व्यवस्थाओं का संचालन होता है। महाकाल मंदिर में समिति व्यवस्था देख रही है। इसके चलते पुलिसप्रशासन दोनों के बीच विचारों की भी भिन्नता रहती है।

सुरक्षा चाक-चौबंद

मंदिर व्यवस्था में शासकीय पुजारी से लेकर पंडे, पुजारी, पुरोहित और उनके प्रतिनिधियों के टर्न से लेकर गर्भगृह में जाने वालों की निगरानी पुलिस करेगी। परिसर में मोबाइल भी प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए महाकाल चौकी को प्रभावी बनाया जाएगा। गणेश मंडपम्, नंदी हाल व गर्भगृह में राजपत्रित अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

महाकालेश्वर मंदिर में जो हादसा हुआ है, उसके बाद काफी कुछ व्यवस्था में सुधार और बदलाव की जरूरत है। जांच रिपोर्ट का इंतजार है, इसके बाद इस संदर्भ में निर्णय लेंगे।

-संतोष कुमार सिंह, आइजी

महाकाल मंदिर में जो हादसा हुआ, वह दु:खद और सबक लेने वाला है। सालों पहले बनाई गई व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। शासन स्तर पर तैयारी चल रही हैं।

-महंत विनीत गिरी, महानिर्वाणी अखाड़ा

मंदिर समिति ने बुधवार को बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। निश्चित व्यवस्था में बदलाव कर रहे हैं। गर्भगृह में जाने वालों की संख्या भी तय कर रहे हैं।

संदीप सोनी, प्रशासक, महाकाल मंदिर समिति