1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सबसे पहले महाकाल को राखी, लगेगा सवा लाख लड्डुओं का भोग

रक्षाबंधन पर सबसे पहले भगवान महाकालेश्वर को राखी बांधी जाएगी।

2 min read
Google source verification
patrika

Mahakal Temple,ujjain mahakal,ujjain mahakal temple,rakhi festival,Ujjain Mahakal Mandir,

उज्जैन. रक्षाबंधन पर सबसे पहले भगवान महाकालेश्वर को राखी बांधी जाएगी। प्रात:कालीन भस्म आरती के दौरान पुजारी-पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ भगवान को राखी अर्पण करेंगे। साथ ही प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी राजाधिराज भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।

IMAGE CREDIT: patrika

महाकाल धर्मशाला में तैयार हो रहे लड्डू
महाकाल धर्मशाला में मंगल गीतों के बीच पवित्रता का पूर्ण ध्यान रखकर महाभोग का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर में करीब तीन दशक से रक्षाबंधन पर राजाधिराज महाकाल को महाभोग लगाने की परपंरा की शुरुआत मंदिर के पुजारी परिवार की ओर से की गई थी। मंदिर में श्रावण मास में जिस-जिस पुजारी परिवार की भस्म आरती चलती है, उन्हें राखी पर सवा लाख लड्डुओं का महाभोग का अवसर प्राप्त होता है।

वर्षों से है परंपरा
महाकाल मंदिर के पं. आशीष पुजारी ने बताया कि राखी पर बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाए जाने की परंपरा वर्षों से है। इस क्रम में बाबा को लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। महाकाल धर्मशाला में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा कड़ाव पूजन कर महाभोग तैयार करने का कार्य प्रारंभ किया था। धर्मशाला में 8 कारीगरों द्वारा 16 सहयोगियों के साथ महाभोग बनाया जा रहा है। भोग तैयार करने में जुटी महिलाएं मंगल और धार्मिक गीत गा रहीं है। इसके साथ शुद्धता-पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 26 अगस्त को राखी का त्योहार मनाया जाएगा। तड़के भस्म आरती में भगवान महाकाल को राखी अर्पित कर लड्डुओं का भोग अर्पित करने के बाद मंदिर आने वाले हर दर्शनार्थी को लड्डू भेंट किया जाएगा।

IMAGE CREDIT: patrika

श्रावणी उपाकर्म 26 को
रक्षाबंधन के दिन 26 अगस्त को आर्य समाज की ओर से श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया जाएगा। इस दिन से वेद प्रचार सप्ताह का आयोजन भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में किया जा रहा है। आर्य समाज के प्रधान मणिंद्र व्यास और सचिव संजय सोनी ने बताया कि 26 अगस्त को आर्य समाज मंदिर पर प्रात: 8.30 से 11.30 तक श्रावणी उपाकर्म होगा। इसमें पुरुष-महिलाएं यज्ञोपवीत धारण करेंगे। बच्चों और युवाओं का नवीन यज्ञोपवीत संस्कार कराया जाएगा। इस अवसर पर स्वामी चैतन्य मुनि महाराज और माता सत्यप्रियायति मौजूद रहेंगे। इस दिन से ही वेद प्रचार सप्ताह का शुभारंभ होगा। इसके बाद 27 अगस्त से 2 सितम्बर तक शहर में अलग-अलग स्थानों पर प्रात: 8.30 से 9.30 तक और रात 8.30 से 10 बजे तक आर्य समाज मंदिर पर वेद प्रचार का आयोजन होगा। सप्ताह का समापन 3 सितम्बर को होगा।