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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निगम की हुई यह बेशकीमती जमीन

हाइकोर्ट पहले दे चुका निगम पक्ष में फैसला

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उज्जैन. नगर निगम के पीछे स्थित नजरअली मिल परिसर की भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट में प्रचलित प्रकरण में निगम के पक्ष में फैसला हुआ है। हाइकोर्ट इंदौर के फैसले को दी गई चुनौती को कोर्ट ने दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर खारिज कर दिया। अब करोड़ों की इस भूमि से निगम का हक कोई नहीं हिला पाएगा। प्रमुख क्षेत्र में स्थित इस जगह को सुरक्षित करने अब निगम चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनाएगा। इसी भूमि के एक भाग पर स्वीमिंग पूल का निर्माण कार्य चल रहा है।
ताकायमी पट्टे की ये भूमि ग्वालियर स्टेट के जमाने में कारखानों के लिए दी गई थी। बाद में मप्र स्थापना दौरान ये भूमियां शासन में वेष्ठित हो गई। लेकिन कब्जाधारी कारखाना संचालकों ने बाले-बाले इनके सौदे कर लिए। मुंबई की एक कंपनी ने इसे खरीदा था। उसी ने जमीन पर दावा करते हुए पहले जिला कोर्ट व बाद में हाइकोर्ट तक केस लड़ा। हारने पर कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट द्वारा निगम के पक्ष में दिए फैसले को सही ठहराया। यानी नजर अली परिसर की 4 एकड़ भूमि अब निगम की हो गई है। इसमें किसी तरह का कानूनी विवाद नहीं रहा। इधर अपर आयुक्त मनोज पाठक के अनुसार फैसले संबंधी जानकारी मिली है। अधिकृत कॉपी अभी प्राप्त नहीं हुई।
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श्रावण मास में ब्लॉक ऑनलाइन भस्म आरती बुङ्क्षकग फिर से शुरू
उज्जैन. श्रावण मास के दौरान महाकाल मंदिर की भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग ब्लॉक कर दी गई थी। इसे फिर से खोल दिया गया है। इसके बाद श्रद्धालुओं को फिर से ऑनलाइन भस्मआरती की सुविधा मिलने लगी है। इधर सितंबर में कई दिनों की बुकिंग खाली है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने श्रावण में चुनिंदा दिनों के लिए ऑनलाइन भस्म आरती की बुकिंग को ब्लॉक कर दिया था। श्रावण में वैसे तो महाकाल मंदिर प्रतिदिन भस्म आरती में शामिल होने वाल श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है, लेकिन शनिवार,रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की तादाद अधिक होने से मंदिर समिति श्रावण मास में अधिकांश दिनों के लिए भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग नहीं करती है। इसके लिए लाइन को ब्लॉक कर दिया गया था। श्रावण खत्म होते ही ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ कर दी गई है। इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।
सितंबर में ज्यादातर दिन खाली
श्रावण मास खत्म होते ही महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। इसके साथ ही भस्मआरती अनुमति के लिए भी श्रद्धालुओं की मांग कम है। राजाधिराज महाकाल की शाही सवारी और जन्माष्टमी के मद्देनजर 1,2 और 3 सितम्बर को भस्मआरती ऑन लाइन बुकिंग ब्लाक रखी है, लेकिन सितम्बर के अन्य दिनों में भस्मआरती की ऑन लाइन बुकिंग होगी। सितंबर के अधिकांश दिनों में बुकिंग खाली है। मंदिर में श्रद्धालुओं की कमी के चलते 4 से 12 सितम्बर तक बुकिंग खाली है। 13 सितम्बर से 29 सितम्बर कुछ बुकिंग हुई है।