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‘क्या कर रहे थे सांसद-विधायक… उन्हें पता नहीं था?’, पूर्व CM उमा भारती ने सागर शराब कांड पर जताई नाराजगी

Sagar Liquor Tragedy: एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने सागर शराब कांड को लेकर जिले के जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा- क्या क्या कर रहे थे सांसद-विधायक?
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उज्जैन

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Akash Dewani

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Updated: 8 Sep 2026, 8:41 AM IST

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Sagar Liquor Tragedy: सागर शराब कांड को लेकर जनप्रतिनिधियों भड़की पूर्व सीएम उमा भारती (फोटो सोर्स- ANI)

Uma Bharti on Sagar Liquor Tragedy: सागर में नकली शराब पीने से हुई जनहानि के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा, ऐसा क्यों हो रहा है, पंच, सरपंच, पार्षद, विधायक, सांसद क्या कर रहे है, क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, क्या उन्हें अपने धर्म का पालन नहीं करना चाहिए? यह बात साध्वी और पूर्व सीएम उमा भारती ने कही। वह सोमवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंची थी।

सागर के सांसद, विधायक सब कहा थे… उन्हें कुछ पता नहीं था?- उमा भारती

मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा, अवैध शराब की बिक्री नहीं होना चाहिए। यदि होती है तो समाज को सख्ती बरतना चाहिए। पंच, सरपंच, पार्षद, विधायक, सांसद क्या कर रहे है, उन्हें क्या पता नहीं है। पुलिस प्रशासन की तो जिम्मेदारी है ही, जनप्रतिनिधियों लेकिन क्या जनप्रतिनिधियों को अपना धर्म नहीं निभाना चाहिए। भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शराबबंदी के कदम की प्रशंसा भी की।

कॉकरोच गंदगी में जन्म लेते हैं

दिल्ली में हुए जेन-जी के प्रदर्शन को उमा ने नौजवानों के अंदर आया हुआ उफान बताया। उन्होंने कहा, प्रदर्शन में प्रधानमंत्री के लिए जो असंवैधानिक भाषा का प्रयोग किया, वह खराब था। फिर भी पीएम ने लोकतंत्र का सम्मान करते हुए युवाओं की भावनाओं का सम्मान किया है। बिना नाम लेते हुए उमा ने यह भी कहा कि मैं उस व्यक्ति की निंदा करूंगी जिसने यह कहा था कि यह तो कॉकरोच है, एक चप्पल से मर जाएंगे, हिट छिड़कने से मर जाएंगे। मैं उसका नाम भी नहीं लेना चाहती। उस मूर्ख ज्ञानी कवि को यह नहीं पता है कि कॉकरोच गंदगी से पैदा होते हैं। गंदगी रहेगी तो वे फिर आ जाएंगे, वे नहीं मरते। उनका अस्तित्व गंदगी में से निकला हुआ है। आप सिस्टम की गंदगी खत्म कीजिए तो वह पैदा नहीं होंगे। गंदगी रखेंगे तो चप्पल या हिट से कुछ नही होगा। जब तक गंदगी होगी, कॉकरोच अमर रहेगा।

नागपंचमी के हादसे से सबक लें

उमा ने कहा, मैं जब महाकाल मंदिर आती हूं, व्यवस्था पहले से बेहतर ही लगती है। उन्होंने नागपंचमी पर हुए हादसे को दुःखद बताया। कहा- श्रद्धालुओं को भी समझना होगा। स्थिति देखकर चले, घर पर भगवान पूज सकते हैं। पुलिस-प्रशासन और व्यवस्था की अपनी सीमा है। कई बार आस्था के आगे उनकी सीमा चूर-चूर हो जाती है। श्रद्धालुओं को स्वव्यवस्थित होकर चलना चाहिए। उस दिन कुछ अनुमान गलत हो गए थे, आगे के लिए यह सबक है।

किसानों को उचित राशि देकर अतिक्रमण रोके

सिंहस्थ क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भारती ने कहा, हरिद्वार, प्रयाग में कुंभ की भूमि पर निर्माण हो ही नहीं सकता है। सिंहस्थ क्षेत्र में जिनकी भूमि है उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। लोग खुशी से चले जाएंगे और जमीन पर अवैध निर्माण नहीं होगा।