1138 कम्पनियों के प्रतिनिधि आए, लेकिन रोजगार का वादा सिर्फ 28,700 से ही कर पाए। करीब 12 हजार को स्वरोजगार और 33 हजार से ज्यादा को प्रशिक्षण की राह दिखा दी गई। 60 हजार बेरोजगारों को मायूस लौटना पड़ा। जयपुर शहर में ही दो रोजगार मेले लगाए थे। 94 कम्पनियां आईं, 7800 लोग पहुंचे, पर रोजगार का वादा मिला सिर्फ 1142 को।