होली का त्योहार आते ही चारों तरफ मस्ती सी छा जाती है। इस मौके पर गुजिया का विशेष महत्व होने से खोवा की डिमांड बढ़ जाती है। बाजार में भारी मात्रा में व्यापारी खोवा लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो दूध की नदी बह रही हो और खोवा बनाकर व्यापारी बाजार में ला रहा है आ रहा है। आज बाजार में खोवा ढाई सौ से तीन सौ रुपए प्रति किलो बिक रहा है। परंतु शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। चिप्स, पापड़, गुजिया, रंग, अबीर, गुलाल सहित ऐसा कोई भी सामान नहीं है जिसमें मिलावटखोरों ने अपनी छाप न छोड़ी हो। रंग में भी मिलावट है। मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। लेकिन मिलावटखोरों के मजबूत जमे पैरों को उखाड़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।