
अचलगंज का नाम बदलने को लेकर 2 गांव के लोग आमने-सामने, प्रशासन को आना पड़ा आगे
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव. अचलगंज का नाम बदलने को लेकर हुए विवाद का मामला उस समय शांत हुआ जब एडीएम ने आगे आकर कहा के नाम बदलने का फैसला निर्वाचित बोर्ड लेगा। थाना परिसर में हुई मीटिंग में नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी को भी सामने आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा कि उन्होंने किसी प्रकार का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा है। लेकिन अधिशासी अधिकारी की बातों पर ग्रामीणों ने विश्वास नहीं किया। मामला एडीएम के स्पष्टीकरण के बाद शांत हुआ।
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अचलगंज का नाम बदलने का मामला
उन्नाव रायबरेली मार्ग पर स्थित अचलगंज को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव है। जिसमें हड़हा और लोहचा को मिलाकर नगर पंचायत बनाने का निर्णय लिया गया। शासन से इस संबंध में सनेही नगर नाम देने को लेकर जिला प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था। नगर पंचायत ईओ राजेश दुबे ने शासन के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए अनापत्ति डीएम के माध्यम से शासन को भेज दिया। इसकी जानकारी अचलगंज निवासियों को हुई तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। उनका कहना था कि अचलगंज जिले का बड़ा व्यापारिक क्षेत्र है। नाम बदलने से उनके व्यापार में भी असर पड़ेगा।
एडीएम ने दिया आश्वासन
नाम बदलने के विरोध में व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। वहीं दूसरी तरफ सनेही नगर रखने के पक्ष में गांव के लोग सड़क पर उतर गए। प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन दिया। दोनों गांव के लोग आमने-सामने आ गए। इस मामले में जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह ने घोषणा की नाम बदलने का फैसला निर्वाचित पंचायत नगर पंचायत बोर्ड लेगा। अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अब चुनाव के बाद आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने दोनों गांव के लोगों से चौहान और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
Published on:
12 Sept 2021 12:42 pm
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