
गंगा का जल सड़क किनारे पहुंचा, फोटो सोर्स- सूचना विभाग
Unnao Ganga water level rises: उन्नाव जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित प्रभावित क्षेत्रों का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हरिद्वार, बिजनौर और टिहरी बांध से छोड़े जाने वाले पानी के विषय में जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 24 घंटे जलस्तर की निगरानी की जाए। इस मौके पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित ठहराने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। वहीं लेखपाल को क्षेत्र में ही रहने के लिए कहा गया है। निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक श्रीकांत कटिहार भी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मानसून और गंगा के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने आज संभावित बाढ़ क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। विकासखंड फतेहपुर-84 के शिवराजपुर-दबौली मार्ग पर गंगा की मुख्य धारा से हुए सड़क कटान को देखा। उन्होंने हरिद्वार, बिजनौर और टिहरी बांध से छोड़े जाने वाले पानी की लगातार जानकारी रखने के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिए।
डीएम ने अधिशासी अभियंता से कहा कि गंगा का जलस्तर चेक कर प्रतिदिन रिपोर्ट दी जाए। 24 घंटे जलस्तर की मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डाउन स्ट्रीम कंट्रोल की कार्ययोजना जल्द से जल्द देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एसडीएम सफीपुर व बांगरमऊ को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ठहरने के लिए स्थान को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सड़क पर नहीं सोना चाहिए। महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था की जाए। शिविर में रहने वालों के लिए भोजन-पानी और पशुओं के भूसा-चारे की भी व्यवस्था पहले से कर ली जाए।
जिलाधिकारी ने एसडीएम को यह भी निर्देश दिये कि लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों की सूची तैयार कर ले। लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में डुगडुगी पिटवाकर लोगों को पहले से ही सूचित किया जाए। ताकि बाढ़ आने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित गांवों में गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों का सर्वे करवा लें। मेडिकल टीम गठित कर उन्हें सक्रिय करने के निर्देश दिए। मेडिकल टीम के पास एंटी-वेनम, डायरिया, बुखार, खांसी-जुकाम सहित अन्य जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम, एसडीएम सफीपुर, बांगरमऊ, क्षेत्राधिकारी सफीपुर आदमी मौजूद थे।
Updated on:
10 Jul 2026 07:08 pm
Published on:
10 Jul 2026 07:08 pm
