
उम्र कैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका, पीड़िता और सीबीआई को नोटिस
कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के लिए लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट ने सीबीआई और पीड़िता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह जवाब पीड़िता के उम्र को लेकर मांगा गया है। जिसको लेकर एक बार फिर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण चर्चा में आ गया है। उम्र कैद की सजा काट रहे उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी के पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने जमानत याचिका डाली है। जिसमें निचली अदालत के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अतिरिक्त सबूत को जरूरी बताया गया है। उक्त याचिका पर न्यायालय ने सीबीआई के साथ पीड़िता को भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
बीते गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर के तरफ से वकील ने बताया कि 2017 में घटना के वक्त पीड़िता नाबालिग नहीं थी। ऐसे में पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दी गई सजा सही नहीं है। इस मामले में अधिवक्ता ने अगली सुनवाई पर अदालत से पीड़िता का जन्म प्रमाण पत्र लगाए जाने की मांग की है। अधिवक्ता की याचिका पर अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश दिया। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और रजनीश भटनागर की पीठ ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो और पीड़िता को इस संबंध में निर्देशित किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि आगामी 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करें। इसके साथ ही कुलदीप सिंह सेंगर के अधिवक्ता की तरफ से अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने के लिए भी अनुमति मांगी गई है। जिसमें यह बताना चाहते हैं कि घटना के वक्त पीड़िता नाबालिग नहीं थी।
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2019 को हुई थी उम्र कैद की सजा और कोई बिल्कुल
कुलदीप सिंह सेंगर लगभग 4 वर्षों से उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। उम्र कैद की सजा के खिलाफ कुलदीप सिंह सेंगर की तरफ से जमानत याचिका लगाई गई है। यह याचिका सीआरपीसी की धारा 391 के अंतर्गत अतिरिक्त सबूत की मांग को लेकर लगाई गई है। अपनी याचिका में कुलदीप सिंह के अधिवक्ता ने बताया है कि निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ की गई अपील पर मुकदमा चलाने के लिए अतिरिक्त सबूत जरूरी है। अंबर 2019 दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
Published on:
01 Apr 2022 09:12 am
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