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उन्नाव में हीट स्ट्रोक: तापमान के 47 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अलर्ट, चेतावनी जारी

District administration issued an advisory: उन्नाव में हीट स्ट्रोक और तापमान के 45 से 47 डिग्री पहुंचने का अलर्ट जारी किया गया है जो सामान्य से 7 से 9 डिग्री अधिक है।

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फोटो सोर्स - पत्रिका

फोटो सोर्स - पत्रिका

District administration issued an advisory about heat stroke: उन्नाव जिला प्रशासन ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए लोगों को अलर्ट किया है, जिसके अनुसार जिले में औसत तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, लेकिन अत्यधिक गर्मी के कारण आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री से 47 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है, जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से काफी हानिकारक है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। जिसके अनुसार गर्मी के दिनों में शरीर का द्रव्य‌ (body fluids) सूखने लगता है। जिससे लू लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लोगों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहने की सलाह दी गई है; प्यास ना लगे तब भी पानी पीने की आवश्यकता है।

क्या है हीट स्ट्रोक के लक्षण ?

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गौड़ ने प्रेस नोट के माध्यम से बताया है कि हीट स्ट्रोक के कारण त्वचा गर्म, लाल, और शुष्क हो जाती है। पसीना नहीं निकलता है। पल्स तेज हो जाती है। सांस की गति भी बढ़ जाती है। सर दर्द, मिचली, थकान, कमजोरी होना, और चक्कर आना हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। उच्च तापमान में शरीर के आंतरिक अंगों, विशेष कर मस्तिष्क को बहुत नुकसान पहुंचता है। शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न करता है जो मनुष्य के हृदय के कार्य के लिए प्रतिकूल है।

हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय

जिला प्रशासन ने अपनी एडवाइजरी में बताया है कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अधिक से अधिक पानी पिएं। प्यास न लगी हो तब भी पानी पीते रहें। हल्के रंग के पसीना शोषण सोखने वाले कपड़े पहनें। धूप में छाता, टोपी, चप्पल आदि का प्रयोग करें। अगर खुले में कार्य कर रहे हैं तो चेहरा, हाथ और पैरों को गीले कपड़ों से ढक कर रखें। छाते का प्रयोग करें। घर के खिड़की-दरवाजों पर पर्दे डाल कर रखें या ओआरएस घोल, घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड़), नींबू पानी, छाछ आदि का प्रयोग करें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।

अपर जिलाधिकारी ने जारी किया एडवाइजरी

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व (प्रभारी आपदा) के हस्ताक्षर से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि जानवरों और बच्चों को कभी बंद या खड़ी गाड़ी में अकेला ना छोड़ें। 12 बजे से 3 बजे के मध्य सूर्य की रोशनी में जाने से बचें, गहरे रंग के भारी तथा तंग कपड़े न पहनें, अधिक प्रोटीन, बासी खाद्य पदार्थों का उपयोग भी ना करें। आकाशवाणी और एफएम रेडियो के माध्यम से समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करें।