
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में शिक्षकों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बाल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निरीक्षण में यह मामला सामने आया है। जिससे पूरा प्रशासनिक हमला सवालों के घेरे में है। नवाबगंज विकासखंड की दरियापुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका पिछले 10 सालों से नौकरी कर रही है। लेकिन 18 सौ से अधिक दोनों की छुट्टी ले चुकी है। जबकि अवैतनिक अवकाश की सीमा अधिकतम 5 साल है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्याम पति त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्य में वह बीएसए को दोषी मानते हैं। इसलिए डीएम को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है। प्रमुख सचिव से भी इस संबंध में इस समय लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में श्याम पति त्रिपाठी ने बताया कि शासन से शिकायत मिली थी कि नवाबगंज विकासखंड के दरियापुर में स्थित विद्यालय में अनियमिताएं हैं। जांच करने के दौरान विद्यालय की बहुत ही दयनीय स्थिति नजर आई। महिला टीचर सदमा जैदी 2014 से करीब 2000 दिन की छुट्टी ले चुकी है। उनका 300 दिन का अवकाश स्वीकृत हो चुका है। जबकि पूरे सर्विस पीरियड में अवैतनिक अवकाश की सीमा अधिकतम 5 वर्ष है।
उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने बताया कि सदमा जैदी ने मेडिकल भी 400 दिन से ऊपर ले चुकी हैं। जबकि इसकी अधिकतम सीमा 365 दिन है। जो इस समय विदेश में हैं। इससे विद्यालय का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। देखने वाली बात है की कौन सा अधिकारी छुट्टी स्वीकृत कर रहा है। इस संबंध में उन्होंने डीएम, प्रमुख सचिव, जॉइंट सेक्रेटरी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी पत्र लिखा है।
नवाबगंज विकासखंड के दरियापुर विद्यालय में तैनात शिक्षिका सदमा जैदी 2010 में तैनाती मिली थी। जो 2014 से अब तक 2277 दिन का अवकाश ले चुकी है। जिसमें 1725 अवैतनिक, असाधारण अवकाश शामिल है। इसके अतिरिक्त 552 मेडिकल ले चुकी है। वर्तमान समय 4 सितंबर 2024 से 1 जुलाई 2025 तक 301 दिनों का असाधारण अवकाश स्वीकृत है। जिसे बीएसए ने स्वीकार किया है।
Published on:
17 Nov 2024 06:42 pm
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