
इलाहाबाद हाई कोर्ट (Image: IANS)
इफ्तार पार्टी के बाद वाराणसी में गंगा नदी में हड्डियां फेंकने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने 6 आरोपियों को जमानत दे दी है। आरोपियों ने अपने कृत्य के लिए एफिडेविट में माफी मांगी थी। इसके आधार पर कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। इसके पहले वाराणसी की निचली अदालत ने आरोपियों की जमानत खारिज कर दी थी। निचली अदालत के फैसले को आरोपियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
गंगा नदी में हड्डियां फेंकने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 6 आरोपियों को जमानत दी है। इसके पहले हाई कोर्ट ने 15 मई को 8 आरोपियों को जमानत दी थी। अब इस केस के सभी 14 आरोपियों को जमानत मिल गई है। पुलिस ने इस मामले में कुल 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके सभी को जेल भेजा था।
वाराणसी में गंगा नदी में हड्डियां फेंकने की घटना 15 मार्च 2026 की है। मुस्लिमों के पवित्र माह रमजान में 15 मार्च को गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इफ्तार पार्टी के दौरान कुछ लोगों ने मांसाहारी भोजन किया और उसके बाद बचे हुए अवशेष और हड्डियों को गंगा नदी में फेंक दिया।
इफ्तार पार्टी के अगले दिन 16 मार्च 2026 को भाजपा युवा मोर्चा के वाराणसी अध्यक्ष रजत जायसवाल ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। बीजेपी नेता की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस कृत्य से जानबूझकर हिंदू समाज की आस्था और पवित्र गंगा नदी का अपमान किया गया है।
इसके बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 मार्च 2026 को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और पूजा स्थल को अपवित्र करने से संबंधित हैं।
Updated on:
18 May 2026 06:18 pm
Published on:
18 May 2026 05:19 pm
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