5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्नी को अपने ससुर के चंगुल से छुड़ाने हाईकोर्ट पहुंचा पति, हैरान कर देगा ये मामला

Husband reached High Court to get wife:एक व्यक्ति ने ससुर के चंगुल से अपनी पत्नी को छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। उस व्यक्ति का आरोप है कि पुलिस कर्मी ससुर ने उसकी पत्नी को जबरन मायके में रोक रखा है। ये मामला काफी चर्चाओं में है।

less than 1 minute read
Google source verification

लखनऊ

image

Naveen Bhatt

Sep 11, 2024

A-man-reached-Uttarakhand-High-Court-to-get-his-wife-back

पत्नी को अपने ससुर के चंगुल से छुड़ाने एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट की शरण ली

Husband reached High Court to get wife:ससुरालियों के चंगुल में फंसी पत्नी को छुड़ाने के लिए एक व्यक्ति को उत्तराखंड हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी हर सिंह बिष्ट की ओर से 27 वर्षीय पत्नी को उसके पिता के संरक्षण से रिहा करने की मांग वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर पुलिस को विवाहित जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान पत्नी ने अपने पति के साथ जाने की इच्छा जताई। कोर्ट ने पिता को बेटी के सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और मोबाइल फोन उसे सौंपने का निर्देश दिया। इस पर पिता ने कोर्ट के समक्ष सहमति जताई।

बीमारी के बहाने मायके बुलाई बेटी

याचिका में हर सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि देहरादून यातायात पुलिस में कांस्टेबल पद पर कार्यरत ससुर ने भाई की बीमारी के बहाने उसकी पत्नी को पैतृक गांव जाने के लिए कहा। मायके पहुंचने पर उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध अवैध रूप से वहां रोके रखा। सुनवाई के दौरान महिला ने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। उसने कहा कि अपने पिता की धमकियों के कारण पति के साथ नहीं जा पाई। वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है।

पिथौरागढ़ एसपी को दिए हाईकोर्ट ने निर्देश

पीड़ित ने हाईकोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी के शैक्षणिक जीएनएम कोर्स के प्रमाण पत्र और मोबाइल फोन भी पिता के पास हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अपनी पत्नी के साथ पिथौरागढ़ जाने का इच्छुक है। लिहाजा एसपी पिथौरागढ़ यह सुनिश्चित कराएं कि इस दौरान दोनों को कोई नुकसान न पहुंचने पाए।