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कन्नौज लोकसभा सीट पर प्रत्याशी को लेकर कन्फ्यूज है गठबंधन, क्या है चुनावी समीकरण?

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए द्वितीय चरण की चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कन्नौज में चौथे चरण में मतदान होना है। लेकिन सपा से अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। पार्टी कार्यकर्ताओं को भी प्रत्याशी का इंतजार है। यक्ष प्रश्न है कि क्या अखिलेश यादव कन्नौज से चुनाव लड़ सकते हैं?

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कन्नौज लोकसभा चुनाव 2024: सपा प्रत्याशी कौन?

कन्नौज सीट पर कौन?

Loksabha election 2024 कन्नौज लोकसभा सीट को समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। इस सीट पर 1998 से 2014 तक समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा।‌ 2019 के मोदी लहर में बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को हराया था।‌ 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी के चयन पर असमंजस बना हुआ है। बीजेपी ने एक बार फिर निवर्तमान सांसद सुब्रत पाठक पर विश्वास किया है। जबकि बहुजन समाज पार्टी ने अकील अहमद को टिकट दिया है। यहां पर चौथे चरण के अंतर्गत 13 मई को मतदान होगा। आईएनडीआईए गठबंधन के अंतर्गत समाजवादी पार्टी के पास कन्नौज लोकसभा सीट है।

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कन्नौज लोकसभा समाजवादी पार्टी की पारिवारिक सीट कही जाती है। 1998 में सपा से प्रदीप यादव ने यहां से चुनाव जीता था। उसके बाद 1999 में सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव सांसद हुए। सन 2000 के बाद यह सीट अखिलेश यादव के पास रही। जब उन्होंने 2000, 2004 और 2009 में लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2012 उपचुनाव हुआ। जिसमें डिंपल यादव निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुई। 2014 के चुनाव में भी डिंपल यादव को जीत हासिल हुई। लेकिन 2019 में बीजेपी के सुब्रत पाठक से उन्हें हार मिली।

2024 लोकसभा चुनाव में कौन?

2024 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज सीट से समाजवादी पार्टी ने भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन चर्चाओं का दौर जारी है। यदा कदा अखिलेश यादव कन्नौज से चुनाव लड़ने पर विचार व्यक्त कर चुके हैं। धीरे-धीरे समाजवादी पार्टी के अन्य प्रत्याशी जिनकी कन्नौज से लड़ने की संभावनाएं थी। उन्हें टिकट दे दिया गया। जिसमें धर्मेंद्र यादव भी शामिल है। जिन्हें आजमगढ़ का प्रत्याशी बनाया गया है।

लालू यादव के दामाद पर भी चर्चा

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के दामाद तेज प्रताप सिंह के नाम की भी चर्चा हो रही है। ‌ इसके अतिरिक्त विधायक रेखा वर्मा का भी नाम सामने आ रहा है। लेकिन समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता व पदाधिकारी का मानना है कि अखिलेश यादव यहां से चुनाव लड़े। फिलहाल बीजेपी को भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का इंतजार है। अखिलेश यादव के खड़े होने पर मुकाबला कड़ा और दिलचस्प होगा।