
Ganesh ji Idol Right Direction: गणेश जी की मूर्ति और तस्वीर किस दिशा में रखना चाहिए? (फोटोः एआई)
Ganesh ji ki Murti Kis Disha me Rakhna Chahiye: वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में रखी गई गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर फायदे की जगह नुकसान करा सकती है। ऐसे में सही दिशा का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। सही दिशा आपको बरकत, तरक्की मान-सम्मान और आर्थिक उन्नति देती है।
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व): यह सबसे पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर दिशा मानी जाती है, जहां गणेश जी की मूर्ति रखना सबसे उत्तम है।
उत्तर दिशा: यह कुबेर की दिशा है और धन-समृद्धि के लिए शुभ होती है।
पूर्व दिशा: यह सूर्योदय और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश वाली दिशा मानी जाती है।
पश्चिम दिशा: यदि उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में रखना संभव न हो, तो पश्चिम दिशा भी एक अच्छा विकल्प है।
मुख की दिशा: मूर्ति का मुख हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो, दक्षिण दिशा में नहीं।
अखंड मूर्ति: हमेशा पूरी और सुंदर मूर्ति स्थापित करें; खंडित मूर्ति अशुभ होती है।
एक ही मूर्ति: एक ही स्थान पर एक से अधिक गणेश प्रतिमा न रखें।
ऊंचाई: मूर्ति को जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी की चौकी या ऊंचे आसन पर रखें।
शयनकक्ष से बचें: शयनकक्ष, गैरेज या बाथरूम के पास मूर्ति न रखें।
मुख्य द्वार: मुख्य द्वार पर लगाते समय दो मूर्तियां इस तरह लगाएं कि, उनकी पीठ आपस में जुड़ी हो।
Updated on:
07 Jan 2026 12:31 pm
Published on:
07 Jan 2026 12:31 pm
