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वाराणसी. अखिलेश यादव के कार्यक्रम में एक युवक द्वारा जय श्रीराम बोलने पर सपा नेताओं द्वारा पिटाई करने व पुलिस का चालान करने का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। सोमवार को बनारस के अधिवक्ताओं ने स्पीड पोस्ट के जरिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रामायण पुस्तक भेजी है कहा कि रामायण में समाजवाद का सबसे अच्छा उदाहरण दिया है। प्रभु श्रीराम से रामायण के जरिये सभी से प्रेम करने का संदेश दिया है।
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अधिवक्ता श्रीपति मिश्रा ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यालय में किसी ब्राह्मण लड़के द्वारा जय श्रीराम का नारा लगाने पर उसकी पिटाई की गयी। सपा कार्यकर्ताओं ने उसे मारा। यदि अखिलेश जी को जय श्रीराम नारे से इतनी नफरत है तो वह सच्चे समाजवादी सेवक नहीं हो सकते हैं। यदि वह समाजवाद के नेता खुद को कहते हैं और समाजवाद को लेकर चलना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले रामायाण से सबक लेनी चाहिए। जिस रामायण में भगवान राम ने सभी से प्रेम करने का जिक्र किया गया है। यह समाजवाद का बहुत अच्छा उदाहरण है। यदि अखिलेश यादव जी रामायण को पढ़ेंगे तो उन्हें भी समाजवाद का सच्चा बोध होगा। इसको देखते हुए काशी से उन्हें रामायण की पुस्तक भेंट की है। युवक पर हमला के पश्र पर कहा कि वह भूल चुके हैं कि इन्हीं लोगों ने उन्हें वर्ष २०१२ में सीएम बनाया था। यदि युवाओं को जान से मारने वाला कहेंगे तो मुझे नहीं लगता है कि आने वाले समय उनकी योजना सफल हो पायेगी। उन्हें समझना होगा कि जाति या धर्म विशेष का व्यक्ति उनका दुश्मन नहीं है। अखिलेश यादव को सभी को साथ लेकर चलने की बात करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया तो वह एक धर्म व एक जाति के विशेष नेता बन कर रह जायेंगे। जय श्रीराम से इतनी नफरत है तो पूरे यूपी में उन्हें एक ही नारा सुनने को मिलेगा। वह है जय श्रीराम।
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Published on:
18 Feb 2020 01:32 pm
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