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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में दीपावली के पहले सीएम योगी की पुलिस को लगा झटका

ताबड़तोड़ क्राइम से बैकफुट पर आयी पुलिस, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 17 Oct 2017, 1:14 PM IST

Crime

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वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। पिछले एक पखवारे में ताबड़तोड़ क्राइम होने से पुलिस बैकफुट पर आ गयी है। बनारस की पुलिस के लिए नये अपराध परेशानी का सबब बन गये हैं। पहले हुए मामलों का अभी पुलिस खुलासा भी नहीं कर पायी है कि लूट व हत्या की नयी वारदातों ने अपराध नियंत्रण के दावे पर सवाल खड़े कर दिये हैं।
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११ अक्टूबर की रात में ठेकेदार विशाल सिंह की ताबड़तोड़ गोलिया बरसा कर हत्या कर दी गयी थी। बाइक सवार दो युवकों ने जिस दुस्साहसिक ढंग से इस वारदात को अंजाम दिया था, जिससे लग रहा था कि अपराधियों पर पुलिस का खौफ नहीं है। एक शूटर तो दोनों हाथ से गोलिया चला रहा था। इस मामले का अभी पुलिस खुलासा भी नहीं कर पायी है कि लूट और हत्या की वारदात ने पुलिस को परेशान कर दिया है। १३ अक्टूबर को कैंट थाना क्षेत्र के वरुणा पुल व सारनाथ थाना क्षेत्र में कुछ ही घंटों के अंदर लूट की दो वारदात हो गयी थी। पुलिस इन वारदातों पर कोई खुलासा कर पाती कि १९ अक्टूबर की रात को कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया में शराब ठेके के मैनेजर को गोली मार कर ५० हजार रुपये की लूट व कुछ देर बाद ही कैंट थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या कर दी गयी। इसके बाद से क्राइम ग्राफ तेजी से चढ़ गया है और पुलिस सिर्फ अंधेरे में ही हाथ-पैर मार रही है।
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गिट्टी-बालू व्यवसायी की हत्या का भी नहीं हुआ खुलासा
कैंट थाना क्षेत्र के जेल रोड के पास एक अधिवक्ता के आवास पर गिट्टी-बालू के व्यवसायी की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। घटना को हुए दो माह होने को हैं और अभी तक पुलिस इस मामले का भी खुलासा नहीं कर पायी है। एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए लगातार निर्देश दे रहे हैं तो दूसरी तरफ बेखौफ अपराधी आराम से वारदात को अंजाम देकर निकल जा रहे हैं।
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बनारस की पुलिस को नहीं मिल रहा एनकाउंटर करने का मौका
यूपी में कई जिलों में पुलिस ने एनकाउंटर करना शुरू किया है इसके बाद से अपराध में कमी आने लगी है। आजमगढ़ पुलिस ने कई नामी बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया है इसके बाद से आजमगढ़ में अपराध के ग्राफ में गिरावट आयी है और अपराधियों पर कानून का खौफ दिख रहा है। बनारस पुलिस को अभी एनकाउंटर करने का मौका नहीं मिल पाया है, जिसके चलते अपराधियों पर पुलिस का खौफ नहीं दिख रहा है।
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