
BHU
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय गैर शैक्षणिक कारणों से बार-बार सुर्खियां बटोर रहा है। कभी दलित छात्राओं के उत्पीड़न के मामले में तो कभी छात्राओं संग छेड़-छाड़ के मामले में। कभी परिसर में छात्र की हत्या के प्रकरण में तो कभी छात्र के लापता होने के मामले में। ताजा मामला आया शोध छात्र को जान से मारने की धमकी दी गई है। वह भी दिन दहाड़े BHU Campus में। पीड़ित छात्र ने लंका थाने में 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि इस मामले में विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो ओपी राय ने पत्रिका से बातचीत में शोध छात्र द्वारा जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराने की बात तो स्वीकारी साथ ही कहा कि छात्र ने इसकी सूचना प्राक्टोरियल बोर्ड को न दे कर सीधे थाने को रिपोर्ट किया है।
विश्वविद्यालय के ब्रजनाथ छात्रावास में रहने वाले शोध छात्र अरुण चौबे ने लंका थाने में तहरीर दे कर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि वह शनिवार को साथियों संग जा रहा था, तभी समाजविज्ञान संकाय के समीप मैत्री जलपान गृह के सामने कुछ अज्ञात लोगों ने घेरा, जान से मारने की धमकी दी। कहा कि हम लोगो को बीएचयू परिसर में लाल सलाम का परचम लहराना है।
बता दें कि तमाम कोशिश के बावजूद विश्वविद्यालय परिसर शांत नहीं हो पा रहा। पिछले दिनों हुई कार दुर्घटना के बाद परिसर की नाकेबंदी कर दी गई। तमाम तरह के इंतजाम किए गए। लेकिन कोई फायदा नहीं। परिसर में छात्रावास के गेट पर छात्र को गोलियों से भून दिया जाता है, हमलावर मौके से भाग निकलते हैं, किसी का लंबे समय तक सुराग नहीं लगता। एक छात्र लापता हो जाता है उसका पांच महीने बाद भी पता नहीं चलता है। कभी दलित छात्रा से शौचालय साफ कराया जाता है तो कभी दलित छात्रा को शौचालय में जाने से रोका जाता है।
परिसर की इस ताजा घटना में लाल सलाम का जिक्र हुआ है, अन्यथा अब तक आरोप लगता रहा है कि परिसर का भगवाकरण कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं का आरोप था कि एक खास विचारधारा के लोग दूसरी विचारधारा के लोगों पर लगातार अत्याचार करते आ रहे हैं। इसमें विद्यार्थी परिषद, आरएसएस का जिक्र हमेशा होता रहा है। हालांकि एक वाकया सितंबर 2017 का भी है जब छात्राएं छेड़खानी के विरोध में गेट पर धरना दे रही थीं और रात में अचानक आगजनी, लाठीचार्ज हो गया। तब विश्वविद्यालय प्रशासन खास तौर पर पूर्व चीफ प्रॉक्टर ने आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय में हिंसा, आगजनी बाहरी लोगों के द्वारा कराई गई थी उसमें वामपंथी विचारधारा का भी जिक्र किया गया था। यहां तक कहा गया कि कुछ छात्र महामना की मूर्ति पर कालिख पोतने चढ रहे थे। इसका कड़ा प्रतिकार भी हुआ था।
Published on:
14 Jul 2019 02:32 pm

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