
बीएचयू छात्र गौरव सिंह जिसे मंगलवार को परिसर में गोलियों से छलनी किया गया
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के निष्कासित छात्र गौरव सिंह की हत्या के चार दिन में ही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वाराणसी पुलिस ने जहां इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं क्राइम ब्रांच की टीम ने पड़ोसी प्रांत बिहार के बक्सर से दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों प्रोफेसर व रावण नाम से विख्यात हैं। इस तरह इस हत्याकांड में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बता दें कि गत मंगलवार की शाम विश्वविद्यालय परिसर के बिड़ला छात्रावास के गेट पर दोस्तों संग बातचीत करते वक्त दो बाइक पर सवार चार लोगों ने तकरीबन 10 राउंड फाइरिंग कर गौरव को छलनी कर दिया था। साथियों ने गौरव को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती किया जहां आधी रात के बाद उसकी मौत हो गई। बता दें कि रोहनिया थाना अंतर्गत अखरी निवासी राकेश सिंह बीएचयू के कर्मचारी हैं। उनके बड़े बेटे गौरव को दिसंबर 2017 में बीएचयू में हुए बवाल का आरोपी ठहराते हुए पुलिस ने 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उस घटना के बाद से ही वह विश्वविद्यालय से निष्कासित चल रहा था।
गौरव की हत्या के मामले में पिता बीएचयू कर्मचारी राकेश सिंह ने विश्वविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर प्रो रोयाना सिंह, छात्र मंगलम सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, रूपेश तिवारी और विनय के खिलाफ नामजद और तीन अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। लंका पुलिस ने गुरुवार को मंगलम व आशुतोष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि रूपेश तिवारी को शुक्रवार शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रूपेश के पास से हत्या में इस्तेमाल 32 बोर की पिस्टल बरामद की है। बता दें कि रूपेश से पुलिस ने गुरुवार को भी काफी देर तक पूछताछ की थी।
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लंका थाना प्रभारी भारत भूषण ने बताया कि मंगलवार शाम ताबड़तोड़ फायरिंग में गंभीर घायल गौरव को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में ले जाने पर रूपेश भी वहां पहुंचा था। उस समय गौरव के साथियों ने उसकी पिटाई की थी। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में इलाज के बाद गुरुवार को डिस्चार्ज होने पर रूपेश अपने एक साथी के घर में रातभर ठहरा। इसके बाद शुक्रवार को कैंसर अस्पताल के पास छिपाई गई पिस्टल लेकर वह भागने की फिराक में था, तभी उसे दबोच लिया गया। थाना प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ में रूपेश ने बताया कि बरामद पिस्टल से उसने गौरव पर गोली चलाई थी।
इस बीच गौरव सिंह की हत्या के मामले में शुक्रवार को वाराणसी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिहार के बक्सर से वारदात में शामिल प्रोफेसर और रावण को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर और रावण ने गौरव सिंह को गोली मारी थी। इस हत्या की कहानी एक बर्थडे पार्टी में तैयार की गई थी। हत्याकांड में रावण का एक दोस्त भी शामिल था। वारदात की वजह छात्र गुटों की पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई बताई जा रही है।
गौरव हत्याकांड में वाराणसी से अब तक पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि जेल में बंद छात्र पवन के इशारे पर वारदात को अंजाम देने वाले बिहार के शूटरों को जिन्हें छात्र प्रफेसर व रावण के नाम से जानते थे। दोनों एक सप्ताह से आरोपी मंगलम के कमरे में रुके थे। हत्या की साजिश हॉस्टल में ही एक अप्रैल को बर्थडे पार्टी में रची गई थी।
Published on:
06 Apr 2019 05:46 pm
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