
बीजेपी
वाराणसी. भगवा सेना को एक बार फिर से अग्रिपरीक्षा देनी होगी। फूलपुर व गोरखपुर संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव के साथ नगर निगम का चुनाव जल्द होने वाला है। इसके साथ ही छात्रसंघ चुनाव का भी बिगुल बज चुका है। अब देखना है कि भगवा सेना को कितनी जगहों पर विजय मिलती है।
यह भी पढ़े:-Kashi Vidyapith में टिकट दावेदारी को लेकर छात्र गुटों में भिड़ंत, पथराव
बीजेपी के लिए वर्ष २०१७ बेहद खास है। यूपी चुनाव में पार्टी को बड़ी जीत मिल चुकी है इसके बाद केन्द्र व यूपी में दोनों ही जगहों पर बीजेपी की सरकार है। इसका पार्टी को लाभ व हानि दोनों मिल सकती है। बीजेपी के लिए गोरखपुर व फूलपुर संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव बीजेपी के लिए सबसे अहम है। सीएम योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र होने के चलते सभी लोगों की निगाहे इस सीट पर लगी है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का संसदीय क्षेत्र फूलपुर था और वहां पर भी उपुचना होना है। अब देखना है कि बतौर बीजेपी अध्यक्ष रहते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलायी है। अब देखना है कि केशव प्रसाद मौर्या उपचुनाव में पार्टी को जीत दिला पाते हैं कि नहीं। बीजेपी के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के महापौर व नगर निगम चुनाव होना है। यहां पर भी बीजेपी की जीत व हार का बड़ा महत्व है। फगवा सेना के लिए यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। संसदीय चुनाव २०१९ के पहले इन चुनावों में मिली हार व जीत का बड़ा महत्व है।
यह भी पढ़े:-कर्मचारियों ने बेची चाय, छात्रों ने शिक्षकों को लापता घोषित कर गाया भजन
छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की होगी परीक्षा
फगवा सेना से जुड़ी एबीवीपी के लिए भी परीक्षा का समय आ गया है। विश्वविद्यालयें व कालेजों में छात्रसंघ चुनाव होने वाले हैं। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के विश्वविद्यालय व कालेजों में एबीवीपी भी अपनी ताकत दिखायी है। जल्द ही पता चल जायेगा कि एबीवीपी में कितना दम बचा है।
यह भी पढ़े:-प्रधानाचार्य पर लगा कक्षा चार की छात्रा से छेड़खानी का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
Published on:
14 Oct 2017, 9:44 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.