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आधा घंटे में तीन बार आकर बदमाशों ने गोली चला कर की हत्या, नहीं पहुंची सीएम योगी की पुलिस

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र का हाल, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 18 Oct 2017, 2:53 PM IST

UP Police

UP Police

वाराणसी. सपा के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव पर अपराध नियंत्रण में फेल होने का आरोप लगा कर बीजेपी ने यूपी की सत्ता पर कब्जा किया है। सपा की हार में यूपी में क्राइम कंट्रोल नहीं होना भी एक बड़ा कारण था। यूपी में सत्ता संभाले बीजेपी को छह माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन सीएम योगी की पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में फेस साबित हो रही है वह भी पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में, जिसे वीवीआईपी क्षेत्र भी माना जाता है।
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काशी में पिछले कुछ दिनों से अपराधी ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देने में जुटे हैं और पुलिस रोकने में विफल साबित हो रही है। कैंट थाना क्षेत्र के मिंट हाउस क्षेत्र में सभासद की हत्या करने आये दो इनामी बदमाशों ने श्रवण की गोली मार कर हत्या कर दी थी। आश्चर्य की बात है कि नशे में धुत इनामी बदमाश गुड्डू मामा व आबिद सिद्दकी काली रंग की मोटर साइकिल से एडीजी जोन कार्यालय के तीन सौ मीटर दूर स्थित मिंट हाउस पर सपा सभासद विजय जायसवाल के आवास पर पहुंचे थे। बदमाशों ने पहले वहां पर फायरिंग कर दी। पार्षद विजय जायसवाल ने देखा कि अपराधी उसका नाम लेकर जान से मारने की बात कह रहे हैं तो उन्होंने तुरंत ही पुलिस को फोन किया। बदमाश कुछ देर फायरिंग करने के बाद वहां से गायब हो गये। थोड़ी देर फिर बदमाश पहुंचे और फायरिंग करने के बाद पास में छिप गये। बदमाशों को लगा था कि सपा पार्षद अब बाहर आयेंगे तो वह उन पर हमला कर देंगे। सपा पार्षद को खतरे का अहसास हो चुका था इसलिए वह बाहर नहीं आये। आधा घंटे में ही तीसरी बार बदमाश वहां पर आये और पार्षद के कर्मचारी अखिलेश मिश्रा की पिटाई की और नौकरी की तलाश में शहर आये श्रवण मिश्रा (२५) को गोली मारने के बाद से वहां से निकल गये। गोली लगने से श्रवण मिश्रा की मौत हो गयी। बदमाशों के आधे घंटे में तीन बार आकर अंधाधुंध फायरिंग करते रहे और सूचना मिलने पर भी पुलिस नहीं आयी। बदमाशों के वहां से भाग जाने के बाद पहुंची पुलिस ने जांच की औपचारिकता शुरू की।
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चेतगंज पुलिस ने दोनों हत्यारों को पकड़ा, पुलिस पर भी चलाना चाहते थे गोली
मिंट हाउस में हत्या करने के बाद बदमाश लहुराबीर चौराहे क और जाने लगे। चौराहे से थोड़ी पहले ही उनकी बाइक की टक्कर स्कूटी से हो गयी। इस बात को लेकर स्कूटी सवार से बदमाशों का विवाद हो गया। वहां लोगों की भीड़ लगने लग गयी थी। इसी बीच वायरलैस से हत्या की सूचना हो गयी थी और चेतगंज थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय लहुराबीर चौराहे पर ही थे। चेतगंज थाना प्रभारी ने लोगों की भीड़ देखी तो वह मौके पर पहुंच गये। नशे में धुत बदमाशों ने असलहा निकाल कर चेतगंज पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की, लेकिन गोली खत्म हो जाने के चलते ऐसा नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस ने दोनों इनामी को पकड़ लिया।
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