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फूलपुर संसदीय सीट का उपचुनाव होगा रोचक, कांग्रेस इस कद्दावर ब्राह्मण नेता पर लगा सकती दांव

बीजेपी को लग सकता झटका, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 17 Oct 2017, 8:20 PM IST

Congress

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वाराणसी. फूलपुर संसदीय सीट का चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकता है। कांग्रेस ने नेहरु परिवार की सीट पर फिर से वापसी करने की योजना बनायी है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर बीजेपी को फिर से यह सीट नहीं देना चाहती है। बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस इस बड़े कद्दावर ब्राह्मण नेता पर दांव खेल सकती है। यदि ऐसा होता है तो बीजेपी को तगड़ा झटका लग जायेगा।
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फूलपुर संसदीय सीट का उपचुनाव सभी दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्र बन गया है। बीजेपी ने पहली बार केशव प्रसाद मौर्य को टिकट देकर इस सीट पर अपना कब्जा किया था। यूपी में डिप्टी सीएम बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्या ने इस सीट से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी जानती है कि वर्ष २०१४ वाली मोदी लहर में अभी अधिक दम नहीं बचा है इसलिए बीजेपी ने बसपा के पूर्व विधायकों को भी अपने पार्टी में शामिल कर लिया है। फूलपुर संसदीय क्षेत्र में ही इन पूर्व विधायकों को विधानसभा क्षेत्र पड़ता है।
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IMAGE CREDIT: Patrika

कांग्रेस खेल सकती है इस कद्दावर ब्राह्मण नेता पर दांव
कांग्रेस में इस बात की चर्चा है कि प्रमोद तिवारी को फूलपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ाया जा सकता है। यदि महागठबंधन हो जाता है तो भी प्रमोद तिवारी का कद अन्य नेताओं पर भारी पड़ेगा। फूलपुर संसदीय क्षेत्र में पटेल के बाद सबसे अधिक आबादी ब्राह्मणों की है। यदि ब्राह्मण प्रत्याशी पर कांग्रेस दांव खेलती है तो उससे अधिक लाभ हो सकता है। प्रमोद तिवारी बड़े नेता माने जाते हैं और पूर्वांचल में उनकी अलग साख है।
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राज्यसभा सांसद का चार साल का पूरा हो चुका है कार्यकाल
वर्तमान समय में प्रमोद तिवारी राज्यसभा में सांसद है और चार साल का कार्यकाल पूरा भी हो गया है। प्रमोद तिवारी को चुनाव लड़ाने को लेकर कांग्रेस ने अभी अधिकारियों रुप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन फूलपुर में इस बात की अटकले लग रही है कि प्रमोद तिवारी इस बार चुनाव लड़ सकते हैं। फिलहाल सही स्थिति की जानकारी कांग्रेस के प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद ही होगी।
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