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हास्य की महफिल में चले शब्दों के बाण, लगवाए ठहाके

पत्नी के साथ आए, लोगों का धन्यवाद और जो अकेले आए है, उनका ज्यादा धन्यवाद, क्योंकि जो अकेले आए उनकी पत्नी ने उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट देकर भेजा है, बाकियों की पत्नी का उन पर विश्वास नहीं था, इसलिए साथ आई है। 

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kamlesh sharma

Nov 04, 2015

'पत्नी के साथ आए, लोगों का धन्यवाद और जो अकेले आए है, उनका ज्यादा धन्यवाद, क्योंकि जो अकेले आए उनकी पत्नी ने उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट देकर भेजा है, बाकियों की पत्नी का उन पर विश्वास नहीं था, इसलिए साथ आई है।

पति-पत्नियों पर चुटीले व्यंग्य कसने वाले हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा की इन पंक्तियों के साथ शुरू हुए ठहाके लोगों को देर रात तक बांधे रहे। मौका था, जेएसएफ के तहत मंगलवार को बिड़ला सभागार में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का।

सम्मेलन में कवि सुरेन्द्र शर्मा, संपत सरल और महेन्द्र अजबनी ने हास्य के बाण छोड़े, वहीं ममता शर्मा और प्रसिद्ध शायर वसीम बरेलवी की रचनाएं सीधे काव्यप्रेमियों के दिल में उतर गई। महफिल में कवि हास्य की बौछार करते रहे। इस अवसर पर कवियों ने अपने प्रस्तुतियों में साहित्यकारों का पुरस्कार लौटाना, देश की राजनीति, मीडिया, संत-महात्मा जैसे मुद्दों पर भी जमकर कटाक्ष किए।

नेता गिरा रे...
राजनीति पर व्यंग्य कसने वाली ममता शर्मा ने सरस्वती वंदना से शुरुआत की। इसके बाद श्रोताओं को धीरे से मुक्तकों के मोहपाश में बांध लिया। इसी कड़ी में आगे उन्होंने अपनी चर्चित कविता 'नेता गिरा रे, वोटो के बाजार में...' पर तालियां बटोरी। श्रोताओं ने 'फिर क्या हुआ...' के जरिए ममता से संवाद किया।

jsf 2015

वीर रस को बनाया विषय
सम्मेलन में महेन्द्र अजनबी से अपनी रचनाओं का केन्द्र वीर रस के कवि और उनकी कविता को बनाया। अजनबी ने कहा कि वीर रस का अकेला कवि ही पाकिस्तान को निपटाने की ताकत रखता है।

सोशल मीडिया के गिनाए फायदे
सम्मेलन में संपत सरल ने इंटरनेट और सोशल मीडिया की तरफ ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने 'उम्र मांगकर लाए थे चार दिन, आधे टीवी ने और बाकी इंटरनेट ने लील लिए' पर तालियां बटोरी। अंत में श्री सीमेंट के सीनियर जनरल मैनेजर अमरदीप सिंह, विमल के तुलसी माखीजा, महेन्द्रा के आर.एम. मनोज कुमार गुप्ता, हुंडई के आर.एम. वेदव्रता शर्मा ने कवियों का आभार जताया।

'इस तरह के फेस्टिवल से बाजार में उछाल आता है। लोगों की खुशियों में इजाफा होता है। साथ ही हमें भी ऐसा मंच मिलता है, जहां से हम भी अपने ग्राहकों से जुड़ सकें।'
टी.टी. जगन्नाथन , चेयरमैन टी.टी. प्रेस्टिज लि.

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