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UP के इस अस्पताल में कैंसर मरीजों को मिलने लगी ये बेहतरीन सुविधा

डॉ. असीम मिश्रा ने बताया कि माइक्रोलेरेंजियल लेजर सर्जरी तकनीक के जरिए मरीजों को ओपन सर्जरी से मुक्ति मिल जाती हैं।

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वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी(Varanasi) के महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल(Mahamana Pandit Madan Mohan Malviya Cancer Centre Varanasi) और होमी बाबा कैंसर अस्पताल(Homi Bhabha Cancer Hospital) में सुविधाओं को बड़ी तेजी के साथ बढ़ाया जा रहा है। टाटा द्वारा चलाए जा रहे वाराणसी के इन दोनों हॉस्पिटलों में मुंह, पोलिप और ल्यूकोप्लाकिया कैंसर का माइक्रोलेरेंजियल लेजर सर्जरी(Surgery) से ऑपरेशन शुरू हो गया है। यानी अब बिना किसी चीड़-फाड़ के ही सर्जरी की सुविधा इन दोनों अस्पतालों हो गई है।

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कई मरीजों को मिल चुका है फायदा

ये दोनों हॉस्पिटल उत्तर प्रदेश के पहले ऐसे अस्पताल हैं जहां कैंसर का माइक्रोलेरेंजियल लेजर सर्जरी से ऑपरेशन हो रहा है। इन दोनों कैंसर हॉस्पिटलों में इस नए तकनीक से अब तक 20 से ज्यादा मरीजों को फायदा मिल चुका है। पहले इसके लिए दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में यूपी के मरीजों को जाना पड़ता था।

ओपन सर्जरी से मिलती है मुक्ति

हॉस्पिटल के डॉ. असीम मिश्रा ने बताया कि माइक्रोलेरेंजियल लेजर सर्जरी तकनीक के जरिए मरीजों को ओपन सर्जरी से मुक्ति मिल जाती हैं। यानी चेहरे पर बिना किसी कट के ध्वनि यंत्र और मुंह के शुरुआती कैंसर का सफल ऑपरेशन किया जा सकता है।

ऑपरेशन के कुछ घण्टे में छुट्टी

डॉ. असीम मिश्रा ने यह भी बताया कि माइक्रोलेरेंजियल लेजर सर्जरी से मरीजों को सर्जरी के कुछ घंटों बाद ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है। साथ ही ओपन सर्जरी की तुलना में इस तकनीक में समय भी कम लगता है।

शुरुआती दौर में ही हो सकती है रोकथाम

आवाज का फतापन ध्वनि कैंसर का शुरुआती लक्षण माना जाता है। 95 फीसदी कैंसर मरीजों को इस खास तकनीक के मदद से सर्जरी कर शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है। गले और मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पादों का सेवन है।

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