
Kashi smart Traffic system Control Room
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार अब १५४ रुपये खर्च होगी। ट्रैफिक सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए शापूरजी-पालोनजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गयी है। इस रेस में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड भी शामिल थी, लेकिन कंपनी से व्यवस्था सुधार में अधिक रकम खर्च करने का प्रस्ताव दिया था जबकि जिस कंपनी को ठेका मिला है वह कम खर्च में काम करने को तैयार थी इसलिए टाटा से अनुबंध नहीं किया गया है।
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काशी में प्रमुख समस्या ट्रैफिक जाम है। पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण काशी में देश व विदेश से भारी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन खराब ट्रैफिक व्यवस्था के चलते स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी काफी दिक्कत होती है। काशी की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए ही केन्द्र सरकार सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। नयी कंपनी को टेंडर मिल चुका है और 15 जनवरी से काम शुरू हो जायेगा। शापूरजी-पालोनजी ने व्यवस्था में सुधार के लिए 154करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव दिया था जबकि तकनीकी रुप से अधिक सक्षम टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने 173 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही थी।
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नयी व्यवस्था के तहत यह होगा सुधार
शहर के 64 चौराहों पर 600 हाइटेक सीसी कैमरे लगाये जायेंगे। इन कैमरों से नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों के नम्बर प्लेट की फोटो भी खींची जायेगी। सारे काम को सात माह में पूरा कर लेना है। शहीद उद्यान में कंपनी अपना कंट्रोल रुम बनायेगी। इसी जगह से सारे शहर की ट्रैफिक का संचालन कराया जायेगा। कंट्रोल रुम से शहर के किसी भी हिस्से का ट्रैफिक देखा जा सकेगा। सड़क जाम का कारण व तुरंत सूचना मिनले पर ट्रैफिक पुलिस समस्या का निस्तारण कर सकेगी। सीसी कैमरों के अतिरिक्त कमांड कंट्रोल सिस्टम, सिटी सर्विलांस, स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट एनवायर्नमेंट आदि की भी व्यवस्था की जायेगी। काशी में ट्रैफिक को लेकर नयी व्यवस्था सफल हो जाती है तो लोगों को सड़क जाम से मुक्ति मिल जायेगी।
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Published on:
27 Dec 2017, 12:48 PM IST
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