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काशी विश्वनाथ मंदिर में कैसा रहा सावन का पहला दिन, गंगा घाट पर दिखा यह नजारा

चन्द्र ग्रहण खत्म होते ही भक्तों ने शुरू कर दिया था पूजा-पाठ, सावन के पहले सोमवार के पहले ही उमड़ी भीड़
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 17 Jul 2019, 1:41 PM IST

Kanwar Yatra in Varanasi

Kanwar Yatra in Varanasi

वाराणसी. काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के प्रथम दिन ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा घाट पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। चन्द्र ग्रहण के पहले ही गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गयी थी। ग्रहण खत्म होने के बाद लोगों ने गंगा स्नान किया और फिर भोर से ही कतार में लग कर बाबा विश्वनाथ मंदिर में जाकर मत्था टेका। रात भर जगने के बाद भी भक्तों के चेहरे पर थकान नहीं दिखी और जमकर बाबा विश्वनाथ के नारे लगाते रहे।
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IMAGE CREDIT: Patrika

काशी विश्वनाथ मंदिर में भीड़ के साथ सावन के पहले दिन का आगाज हुआ। भोर में गंगा घाट पर इतनी अधिक भीड़ हो गयी थी कि वहां पर दो कदम चलना कठिन था। कांवड़ यात्रा कर आये कांवरियों के साथ चन्द्र ग्रहण के बाद गंगा स्नान करने वाले एक साथ जमा हो गये थे इसके चलते ही अधिक भीड़ हो गयी थी। गंगा के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए पहले ही एनडीआरएफ व पुलिस की तैनाती की गयी थी। भीड़ के बाद भी भक्तों को गंगा स्नान करने में समस्या नहीं हुई। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने गरीबों को दान किया और फिर महादेव का दर्शन करने के लिए लाइन में लग गये थे। दोपहर तक मंदिर में इसी तरह भीड़ रही और फिर जाकर कतार छोटी हुई।
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सावन के पहले सोमवार को उमड़ सकती है भारी भीड़
सावन के साथ कांवड़ यात्रा शुरू हो गयी है। जिला प्रशासन ने सावन के पहले सोमवार को भारी भीड़ होने की संभावना को देखते हुए अपनी तैयारी की है। पहली बार काशी विश्वनाथ मंदिर में चार लाइन लगायी जायेगी। बाबा का २४ घंटे दर्शन होगा और गर्भगृह के बाहर से ही जल चढ़ाने की व्यवस्था की गयी है। जिला प्रशासन ने लोगों को जल्द दर्शन कराने के लिए ही सारा प्रयोग किया है अब सावन के पहले सोमवार को पता चलेगा कि नया प्रयोग कितना सफल हुआ।
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