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मुलायम परिवार को जिताने के लिए मायावती को करना पड़ रहा प्रचार, सपा की इतनी रह गयी हैसियत

बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने कहा इस चुनाव के बाद खत्म हो जायेंगी क्षेत्रीय पार्टी, अब परिवार के नाम पर नहीं चलने वाली है राजनीति

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Naresh Agrawal

Naresh Agrawal

वाराणसी. बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने शनिवार को गठबंधन पर जमकर हमला बोला है। बीजेपी नेता ने कहा कि सपा जातिवाद व परिवारवाद की पार्टी है। मुलायम परिवार से आठ लोग चुनाव लड़ रहे हैं। मैं कहता हूं कोई ऐसा कानून बन जाये कि परिवार के आने वाली पीढ़ी को भी चुनाव लडऩे का अधिकार मिले तो वह भी चुनाव लड़ जायेंगे। सपा चाहती है कि 80 सीटों पर मुलायम परिवार आये तभी असली समाजवाद आयेगा।
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मुलायम परिवार के कितने सदस्य इस बार चुनाव जीत कर आयेंगे के प्रश्र पर नरेश अग्रवाल ने कहा कि जब मुलायम परिवार को चुनाव जीतने के लिए बहन जी की मदद लेनी पड़ी है। सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि मुलायम सिंह यादव को चुनाव जीतने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती की मदद लेनी पड़ रही है। मुलायम की जगह मैं इस स्थिति में होता तो चूल्लू भर पानी में डूब जाता है। सपा चलाने वाली डिंपल को जीताने के लिए भी बहन जी को जाना पड़ा है ऐसे में समझा जा सकता है कि सपा की हैसियत क्या हो गयी है और सपा को कितनी सीट मिलने वाली है। मुलायम परिवार में बिखराव के प्रश्र पर नरेश अग्रवाल ने कहा कि महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण को शाप दिया गया था कि यदुवंशी अधिक समय तक एक साथ नहीं रह सकते हैं वही समय आ रहा है। जब पूरा परिवार को सत्ता में लायेंगे तो यही होगा। नरेश अग्रवाल ने अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव का नाम लिए बिना ही कहा कि बेटे ने बाप को कैद कर लिया। ऐसा तो औरंगजेब के जमाने में होता था अब फिर हो रहा है।
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लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद साफ हो जायेंगी क्षेत्रीय पार्टी, अब परिवार के नाम पर नहीं मिलेगा वोट
बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि मेरा मानना है कि बीजेपी को लोकसभा चुनाव 2019 में पहले से ज्यादा बड़ा बहुमत मिलेगा। देश में पीएम नरेन्द्र मोदी जैसा नेता नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद सपा-बसपा का गठबंधन खत्म हो जायेगा। क्षेत्रीय पार्टी भी समाप्त होगी। सैम पित्रोदा के बयान पर कहा कि ऐसे लोगों को राजनीतिक बयान देने की क्या जरूरत है। यदि सिख दंगा भयावह नहीं होता तो कांग्रेस अध्यक्ष को सबके सामने देश से माफी नहीं मांगनी पड़ती है। ऐसा नहीं किया होता तो कांग्रेस को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ती है। प्रियंका गांधी की राजनीति में इंट्री पर कहा कि राजीव जी के साथ राजनीति में रहा हूं। प्रियंका गांधी उनकी बेटी है। इतना ही कहना है कि अब परिवार के नाम पर वोट नहीं मिलेगा। वोट लेने के लिए तपस्या करके दिखानी होगी।
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