
PM Kisan 20th Installment: जब काशी से धन जाता है तो वह प्रसाद बन जाता है फोटो सोर्स : Social Media
PM Kisan 20th Installment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात दी। सेवापुरी ब्लॉक के ग्राम बनौली में आयोजित विराट किसान महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ की 20वीं किस्त जारी करते हुए 10 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 21,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर जवानों के पराक्रम का प्रतीक है और आज का दिन किसानों को प्रणाम करने का अवसर है। जब काशी से धन जाता है तो वह अपने आप प्रसाद बन जाता है।" यह कार्यक्रम किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के उद्देश्य से एक नई ऊर्जा लेकर आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में होना, सावन का महीना और देश के किसानों से जुड़ना ,यह एक आध्यात्मिक व भावनात्मक क्षण है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के माध्यम से अब तक केंद्र सरकार द्वारा किसानों को कुल 3.04 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि देश के किसानों के प्रति केंद्र सरकार की श्रद्धा और सेवा भावना का प्रतीक है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में हाल ही में सफल हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का भी उल्लेख किया, जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का माकूल जवाब दिया था। उन्होंने कहा, “मेरी बेटियों के सिंदूर का जो वचन मैंने दिया था, वह महादेव की कृपा से पूरा हुआ है।” प्रधानमंत्री ने इस सफलता को बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित किया और इसे ‘भारत की नई सोच और नीति’ का उदाहरण बताया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने वाराणसी में ₹2,200 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, जल आपूर्ति और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। विशेष रूप से उल्लेखनीय है दालमंडी प्रोजेक्ट, जो काशी विश्वनाथ धाम को एक और सुगम मार्ग से जोड़ेगा और तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को और आसान बनाएगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। सभा से ठीक पहले भारी बारिश शुरू हो गई, लेकिन इससे उत्साह में कोई कमी नहीं आई। हजारों किसान, छात्र और स्थानीय नागरिक भीगते हुए भी अपने नेता को सुनने के लिए डटे रहे। जनसभा स्थल पर 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा के लिहाज से काले कपड़े पहनकर आए कई लोगों को सभा स्थल में प्रवेश से रोका गया। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने आरोप लगाए कि उन्हें नजरबंद किया गया या घरों में नजरबंदी में रखा गया। सपा नेता अजय फौजी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने घर से उठाकर थाने में बैठा दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभा स्थल पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया और कहा, "ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री का यह पहला काशी आगमन है, और यह भारत के नए संकल्प और रणनीतिक मजबूती का प्रतीक है।"
उन्होंने बताया कि कैसे राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचा रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की बदलती छवि की बात करते हुए कहा कि “अब भारत आतंक का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी रणनीतियों से देता है। और किसानों को सीधे उनके खातों में लाभ पहुंचाकर हम उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे हैं।”उन्होंने कहा कि “भारत का किसान सिर्फ अनाज पैदा नहीं करता, वह देश की आत्मा को सींचता है।”
अपने समापन भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "काशी मेरा कर्मक्षेत्र भी है और कर्तव्य क्षेत्र भी। यहां से जो भी जाता है, वह देश की भलाई के लिए जाता है। आज देश के 10 करोड़ किसानों को धन नहीं, काशी प्रसाद मिला है।" प्रधानमंत्री के इस दौरे ने न केवल किसानों को आर्थिक राहत दी, बल्कि काशीवासियों को यह भरोसा भी दिलाया कि उनका क्षेत्र देश के विकास की धुरी बना रहेगा।
Updated on:
02 Aug 2025 02:05 pm
Published on:
02 Aug 2025 12:36 pm
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