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नगर निगम चुनाव से पहले ही लगा बाहुबलियों को तगड़ा झटका, बदलनी पड़ रही रणनीति

पीएम मोदी के निर्णय का खत्म नहीं हुआ असर, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 20 Oct 2017, 3:20 PM IST

बाहुबली

बाहुबली

वाराणसी. बाहुबलियों की सबसे बड़ी तमन्ना माननीय बनने की होती है। बाहुबली अपने को बचाने के लिए संसदीय, विधानसभा व नगर निगम का चुनाव लड़ते रहते हैं। जितना बड़ा बाहुबली होता है उतना ही बड़ा चुनाव लड़ता है। छोटे बाहुबलियों के लिए नगर निगम चुनाव को राजनीति में इंट्री माना जाता है। यूपी में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से पहले ही बाहुबलियों को तगड़ा झटका लग चुका है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी ने आठ नवम्बर को नोटबंदी की थी। इसको लेकर पीएम मोदी पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगते रहते हैं। नोटबंदी के चलते बाहुबलियों को नुकसान उठाना पड़ा है। केन्द्र सरकार ने नोटबंदी के बाद जीएसटी लागू किया है, जिसके चलते मार्केट में नगद पैसों से काम कम होने लगा है। व्यापारियों की आमदानी भी पहले जैसे नहीं रह गयी है। व्यापारी भी मार्केट में अधिक कैश लेकर नहीं चलते हैं। इसके चलते अपराधियों को लूट करने का अधिक मौका नहीं मिल रहा है। अपराधियों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, जिसके चलते उनका नगर निगम चुनाव लडऩा कठिन हो गया है।
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धन व बाहुबल के भरोसे जीतते हैं चुनाव
बाहुबली जानते हैं कि धनबल व बाहुबल के जरिए ही चुनाव जीता जा सकता है। बाहुबलियों के पास अपराध करके कमाया हुआ धन होता है और चुनाव जीतने के लिए जमकर पैसा खर्च करते हैं। इस बार अपराधियों की आर्थिक स्थिति खराब है इसलिए चुनाव में धन की व्यवस्था करने के लिए सारी ताकत लगाने में जुटे हैं।
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चुनाव लडऩे के लिए नहीं था पैसा, करनी पड़ी हत्या
वाराणसी पुलिस ने इनामी बदमाश राजुकमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा को ठेकेदार विशाल सिंह की हत्या करने के आरोप में पकड़ा है। गुड्डू मामा की विशाल सिंह से किसी प्रकार की अदावत नहीं थी इसके बाद भी उसने सनसनीखेज ढंग से हत्याकांड को अंजाम दिया था। गुड्डू मामा ने नदेसर क्षेत्र से नगर निगम चुनाव लडऩे की तैयारी की है, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा था। इसी बीच गुड्डू मामा का सम्पर्क पंकज सिंह से हुआ। चंदौली निवासी पंकज सिंह ने दो करोड़ के विवाद में अपने पार्टनर विशाल सिंह की हत्या करवाना चाहता था। पंकज ने गुड्डू मामा से कहा कि विशाल सिंह की हत्या कर दो। इसके बदले में नगर निगम चुनाव लडऩे का सारा खर्च मैं उठा लूंगा। इसके बाद गुड्डू मामा ने विशाल सिंह की हत्या कर दी थी और बाद में पुलिस ने इनामी अपराधी को पकड़ कर हत्या का खुलासा किया था। इससे साफ हो जाता है कि नोटबंदी के चलते अपराधियों को कैश की कमी हो रही है और अब उनका चुनाव लडऩा आसान नहीं रह गया है।
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