प्रियंका गांधी ने जहां पर बनायी बढ़त, वही पर पिछड़ते जा रहे अखिलेश यादव व मायावती

प्रियंका गांधी ने जहां पर बनायी बढ़त, वही पर पिछड़ते जा रहे अखिलेश यादव व मायावती
Akhilesh Yadav, Mayawati and Priyanka Gandhi

Devesh Singh | Publish: Aug, 16 2019 12:00:18 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

बीजेपी की राह हो जायेगी कठिन, यूपी चुनाव से पहले दिखाना होगा दम

वाराणसी. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने जिस जगह पर बढ़ी बढ़त बनायी है वहां पर मायावती व अखिलेश यादव पिछड़ते जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम ने भले ही मायावती की राहत दी है लेकिन बसपा की असली परीक्षा यूपी चुनाव 2017 में होने वाली है। ऐसी ही कुछ कहानी सपा की है, लेकिन जिस तरह से सपा व बसपा बड़े मामलों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को घेरने में नाकाम साबित हो रही है, वह आने वाले समय के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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सोनभद्र के उम्भा नरसंहार ने बीजेपी सरकार को परेशान कर दिया था। उम्भा में जिस तरह लोगों की हत्या की गयी थी उससे सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे। प्रदेश के इस बड़े मामले को लेकर प्रियंका गांधी ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी थी और बीजेपी सरकार पर हमला बोला था। प्रियंका गांधी को जब उम्भा जाने से रोका गया था तो वह धरने पर बैठ गयी थी। इसके बाद यूपी सरकार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव की बात मानते हुए मिर्जापुर में ही उम्भा गांव की पीडि़तों से भेंट करना पड़ा था इसके बाद ही प्रियंका गांधी वापस आयी थी। प्रियंका गांधी ने पीडि़तों को मुआवजा तक दिया था। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी ताकत दिखायी थी तो बीजेपी को बैकफुट पर आना पड़ा था और खुद सीएम योगी आदित्यनाथ घटना के इतने दिन बाद मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद फिर प्रियंका गांधी उस गांव पहुंची और पीडि़तों से भेंट कर उनका हाल जाना। प्रियंका गांधी की इस मुद्दे पर सक्रियता से कांग्रेस को बड़ा फायदा मिल सकता है। जबकि सपा व बसपा इस मामले में पिछड़ते गये।
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मायावती व अखिलेश यादव ने बनायी दूरी
उम्भा नरसंहार को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती व अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला था लेकिन दोनों ही बड़े नेता सोनभद्र नहीं गये थे। सपा व बसपा ने अपना प्रतिनिधिमंडल भेज कर ही काम चला लिया था। जिससे चलते सपा व बसपा इस मुद्दे को लेकर बीजेपी को घेरने में पिछड़ती गयी। यूपी में कुछ माह बाद 10 से अधिक सीटों पर उपचुनाव होने वाला है। सपा व बसपा ने पहले ही उपचुनाव लडऩे का ऐलान किया है जबकि कांग्रेस की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में बड़े मुद्दे को लेकर सपा व बसपा ही यूपी सरकार को घेरने में नाकाम साबित हो रहा है, जबकि प्रियंका गांधी एक बड़ी लकीर खीचती जा रही है। कांग्रेस इसी तरह काम करती रही तो यूपी चुनाव 2022 में पार्टी को बड़ा फायदा व सपा और बसपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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