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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में काशी कनेक्शन, सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका संदिग्ध! चीफ मैनेजर के कहने पर 22 लोग रिक्रूट, 6 अरेस्ट

Ram mandir news : ayodhya news : Varanasi news: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों को वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेस ने रिक्रूट किया था..
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saints angry over ayodhya ram temple donation controversy demand swift action against culprits

अयोध्या का राम मंदिर। (फाइल फोटो : पत्रिका)

Ram Mandir incident in Ayodhya:अयोध्यामें श्री राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी के मामले में काशी का भी कनेक्शन निकलकर सामने आया है। चंदा चोरी के मामले में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों को वाराणसीस्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेस ने रिक्रूट किया था। सिक्योरिटी सर्विस की माने तो 22 लोग रिक्रूट किए गए थे और एसबीआई अयोध्या को सौंप दिए गए थे। इस मामले में सिक्योरिटी सर्विस ने अपना पल्ला झाड़ लिया है और कहा है कि रिक्रूटमेंट के बाद कर्मचारियों से किस तरह के काम कराए जा रहे थे, इसकी जानकारी संस्था को नहीं है।

चीफ मैनेजर के कहने पर हुआ रिक्रूटमेंट

राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए 8 में से 6 लोग काशी के ही सिक्योरिटी सर्विस द्वारा रिक्रूट किए गए थे। सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के मालिक गौरव सिंह ने बताया कि कंपनी ने जिन 22 लोगों को रिक्रूट किया था वह हाउसकीपिंग के लिए किया था। एसबीआई उनसे किस तरह का काम ले रही थी, इसकी जानकारी संस्था को नहीं थी। उन्होंने बताया कि जिन 22 लोगों को कंपनी ने रिक्रूट किया था वह एसबीआई अयोध्या के चीफ मैनेजर के कहने पर हुआ था।

ये हुए हैं गिरफ्तार

गौरव सिंह ने आरोप लगाया है कि यही नहीं उन 22 लोगों के नाम की लिस्ट और उनका बायोडाटा अयोध्या के एसबीआई ब्रांच के मैनेजर ने ही भेजी थी। गौरव सिंह की मानें तो जिन लोगों के नाम लिस्ट में थे, वह पहले से ही किसी दूसरे एजेंसी के लिए काम करते थे, लेकिन के मैनेजर द्वारा उनकी लिस्ट सौंपे जाने के बाद उन्हें सैनिक सिक्योरिटी सर्विस में रिक्रूट किया गया। गौरतलब है कि इस मामले में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर मिश्रा और करुणेश पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।

एजेंसी को कोई जानकारी नहीं

एजेंसी मलिक ने बताया कि उनकी सैनिक सर्विसेज एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड देशभर के आठ राज्यों में हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी और कैश लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में काम करती है। देश भर में करीब 2000 से ज्यादा कर्मचारी इस एजेंसी के लिए काम कर रहे हैं। गौरव सिंह ने बताया कि वह और उनकी एजेंसी मंदिरों के काम के लिए टेंडर नहीं लेती। उन्होंने आरोप लगाया कि एसबीआई ब्रांच ने हाउसकीपिंग के लिए रिक्रूट किए गए कर्मचारियों से किस तरह का काम लिया और क्यों लिया इसकी जानकारी ना उन्हें है और ना ही एजेंसी को इस बारे में कुछ पता है।