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पीएम नरेन्द्र मोदी के खिलाफ 31 प्रत्याशी चुनाव मैदान में, तेज बहादुर यादव का नामांकन निरस्त, बाहुबली अतीक अहमद का वैध घोषित

प्रत्याशियों की संख्या कम होने से जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस, नाम वापसी के बाद ओर कम हो सकती है चुनाव लडऩे वालों की संख्या

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PM Narendra Modi. Atiq ahmed and Tej bahadur yadav

PM Narendra Modi. Atiq ahmed and Tej bahadur yadav

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी ने जब से वाराणसी संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव 2019 लडऩे का ऐलान किया था तभी से यहां की सीट सबसे हॉट हो गयी थी। पीएम नरेन्द्र मोदी को चुनावी चुनौती देने के लिए बनारस से नामांकन दाखिल करने वालों की होड़ मची थी। बनारस सीट से 102 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था जिसमे से 70 प्रत्याशियों के 87पर्चे अवैध हो गये हैं। बड़ी बात है कि इसी सीट से बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन निरस्त हो गयी है जबकि बाहुबली अतीक अहमद का पर्चा वैध पाया गया है।
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प्रत्याशियों की संख्या कम होने से चुनाव आयोग को बड़ी राहत मिली है। कम संख्या होने पर वीवीपैट मशीन से चुनाव कराने में आसानी होगी। संभावना जतायी जा रही है कि 2 मई को नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की संख्या कम हो सकती है। बनारस संसदीय सीट पर अब प्रत्याशियों की स्थिति लगभग साफ हो चुकी है। बीजेपी ने पीएम नरेन्द्र मोदी है। जबकि राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की कांग्रेस से पूर्व विधायक अजय राय, अखिलेश यादव व मायावती के महागठबंधन से शालिनी यादव मैदान में डटी है। निर्दल प्रत्याशी के तौर दर्जनों लोगों ने नामांकन किया है लेकिन इनमे सबसे चर्चित नाम बाहुबली अतीक अहमद का है जिनका नामांकन वैध हो चुका है। अतीक अहमद के चुनाव लडऩे से किसको लाभ मिलता है यह तो समय ही बतायेगा। इतना अवश्य है कि अब बनारस में चुनाव का पूरा रंग दिखने लगेगा।
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23 मई को पता चलेगा कि किस प्रत्याशी को मिलती है जीत
बनारस में सबसे अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है। भीषण गर्मी को देखते हुए मतदाताओं का मतदान केन्द्र तक पहुंचना आसान नहीं होगा। बीजेपी ने मतदाताओं को बूथ तक लाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौपी है। बनारस में 19 मई को मतदान के चार दिन बाद ही 23 मई को चुनाव का परिणाम आ जायेगा। इसके बाद पता चलेगा कि किस प्रत्याशी को जीत मिलती है।
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