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ठाकुर मनोज सिंह को लगा तगड़ा झटका, तीसरी बार भी नहीं ले पाया ब्लाक प्रमुख पद पर शपथ

समर्थकों ने कर दिया था सड़क जाम, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 16 Oct 2017, 5:31 PM IST

ठाकुर मनोज सिंह

ठाकुर मनोज सिंह

वाराणसी/आजमगढ़. ठाकुर मनोज सिंह को तगड़ा झटका लग चुका है। ब्लाक प्रमुख चुनाव जीतने के बाद भी वह शपथ नहीं ले सकता है। समर्थकों ने शपथ दिलाने की मांग को लेकर सड़क जाम कर हंगामा कर दिया था इसके बाद भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम नहीं हो सका।
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ठाकुर मनोज सिंह ने माननीय बनने का बड़ा सपना देखा है और इसी सपने को पूरा करने के लिए 13 अगस्त 2017 में मार्टिनगंज ब्लाक प्रमुख पद पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की है। ठाकुर मनोज सिंह ने चुनाव जीतने के लिए अपनी सारी ताकत लगा दी थी और उसे सफलता भी मिली। अब बारी थी मनोज सिंह के शपथ लेने की। कहते है कि जब इतिहास दागदार रहता है तो दामन को बचाना संभव नहीं होता है। ठाकुर मनोज सिंह के साथ भी यही हुआ। मनोज के उपर फर्जीवाड़ा करने का कई आरोप है और करोड़ों रुपये ऐंठने के चलते वह जेल की हवा भी खा चुका है। बनारस के शिवपुर थाने मेंं मनोज के उपर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में वर्ष २०१५ में मुकदमा दर्ज हुआ था और उसी मामले में गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। वाराणसी पुलिस जब ठाकुर मनोज सिंह के आवास आमगांव थाना दीदारगंज लेकर पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसी बीच दो बार शपथ ग्रहण समारोह कराने की तैयारी की गयी थी, लेकिन गिरफ्तारी की डर से मनोज गया ही नहीं। इसी बीच मनोज ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया। स्टे में लिखा था कि उसे सप्ताह भर का मौका दिया जाये। इसके बाद वह खुद ही सरेंडर कर देगा। ठाकुर मनोज सिंह ने सोचा था कि इसी बीच वह ब्लाक प्रमुख का शपथ लेकर माननीय हो जायेगा और फिर जेल जाने में अतिरिक्त सुविधा भी मिलेगी। मनोज ने शपथ ग्रहण के लिए किसी तरह जिलाधिकारी को मना लिया और सोमवार को शपथ ग्रहण कराने की तैयारी की थी। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर एक बजे होना था और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये थे फिर अचानक ही अधिकारी वापस आ गये। इससे नाराज बीडीसी सदस्यों ने सड़क जाम करके हंगामा किया था, लेकिन ठाकुर मनोज सिंह शपथ नहीं ले पाये हैं और सुप्रीम कोर्ट की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि भी खत्म हो चुकी है ऐसे में अब मनोज का जेल जाना तय है।
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पूर्व सांसद के नाम पर सर्किट हाउस में ठहरा था, फर्जीवाड़े की लंबी है सूची
ठाकुर मनोज सिंह पर फर्जीवाड़ा करने के कई आरोप लगे हैं। २९ जनवरी २०१३ को सर्किट हाउस में पूर्व सांसद व सपा के राष्ट्रीय सचिव के नाम से कमरा बुक कराने का आरोप लगा था तत्कालीन एडीएम प्रोटोकॉल ने इस मामले में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी तरह महाराष्ट्र में आवास दिलाने के नाम पर आठ करोड़ की ठगी करने का आरोप है इस मामले में पुलिस को मनोज सिंह के पास से महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चहृवाण के नाम की मुहर भी मिली थी। इसके अतिरिक्त मनोज पर फर्जीवाड़ा करने का अन्य आरोप भी लगा है, जिसमे वह जेल की हवा खा चुका है।
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